एक साधारण से व्यक्ति के हाथों निकले थे श्री कृष्ण के प्राण, फिर भी नहीं लगा था कोई पाप?

यह कहानी महाभारत के अंत की है, जब द्वारका नगरी का विनाश हो चुका था और भगवान श्रीकृष्ण ने अपने लीला को समाप्त करने का निश्चय किया था।

 



श्रीकृष्ण जानते थे कि उनका धरती पर अवतार लेने का उद्देश्य पूरा हो चुका है और अब उनके लौटने का समय आ गया है। महाभारत के युद्ध के बाद, श्रीकृष्ण ने देखा कि यादव कुल में आपसी संघर्ष और कलह बढ़ गया है। उन्होंने इसे भी अपनी लीला का हिस्सा माना और इसका अंत होने दिया। अंततः, यादव कुल के अधिकांश लोग आपसी लड़ाई में मारे गए और श्रीकृष्ण ने जंगल में एकांत में समय बिताने का निर्णय लिया।

 

 

 

125 वर्ष के हो चुके थे श्री कृष्ण

कहानी के अनुसार, एक दिन श्रीकृष्ण पीपल के पेड़ के नीचे ध्यान में बैठे थे। तभी, जरा नामक एक बहेलिया वहां आया। जरा को श्रीकृष्ण के पैर का अंगूठा हिरण का मुंह प्रतीत हुआ और उसने इसे निशाना बनाते हुए बाण चलाया। वह बाण सीधे श्रीकृष्ण के पैर में लगा। जब जरा करीब आया, तो उसने देखा कि उसने भगवान श्रीकृष्ण को बाण मारा है। वह बहुत ही दुखी और पश्चाताप से भर गया। उसने श्रीकृष्ण से क्षमा मांगी।

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ शिक्षण संस्थान बनाहिल में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, छात्र-छात्राओं में दिखा विशेष उत्साह

 

 

 

 

अर्जुन को कैसे प्राप्त हुआ था सृष्टि को विनाश कर देने वाला पाशुपतास्त्र? पीछे छिपी हैं रहस्यमयी कहानी!

सब धागे जुड़े हैं व्यक्ति के पीछे जन्म से

श्रीकृष्ण ने उसे शांत किया और कहा, “जरा, यह सब पहले से ही निर्धारित था। तुम्हारे इस कार्य में कोई दोष नहीं है, यह मेरी लीला का हिस्सा है।” श्रीकृष्ण ने उसे यह भी बताया कि पिछले जन्म में वह वही बाण था जिसने रामावतार में बाली को मारा था, और आज उसने उसी बाण के रूप में अपना कर्म पूरा किया है।

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa News : विधायक ब्यास कश्यप के प्रयास से 1 करोड़ रुपए के विकास कार्य की मिली स्वीकृति, विकास को मिली नई रफ्तार

 

 

 

 

इस प्रकार, भगवान श्रीकृष्ण ने अपने शरीर को त्याग दिया। चूंकि यह भगवान की इच्छा और लीला का हिस्सा था, इसलिए जरा के हाथों श्रीकृष्ण के प्राण निकलने के बावजूद उसे कोई पाप नहीं लगा। यह भी दिखाता है कि सब कुछ पहले से ही तय था, और जरा केवल एक माध्यम बना। इसलिए, उसे किसी भी प्रकार का पाप नहीं लगा।

 

 

Disclaimer: इस आलेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है। पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। खबर सीजी न्यूज इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है।

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ शिक्षण संस्थान बनाहिल में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, छात्र-छात्राओं में दिखा विशेष उत्साह

Related posts:

error: Content is protected !!