Earbuds में गाने सुनते हैं तो हो जाएं सावधान, इतनी वॉल्यूम कर देगी बहरा

जब से वायरलेस ईयरबड्स आएं इसके यूजर्स भी बढ़ गए हैं. डेली इन्हें इस्तेमाल करना जितना आसान है इसका यूजिंग टाइम भी उतना बढ़ गया है. लोग ईयरबड्स को काम करते-करते, चलते-फिरते, वर्काउट के दौरान सफर में कहीं भी लगा सकते हैं.

 



 

 

लेकिन क्या ईयबड्स का इतना इस्तेमाल आपके लिए सही हैं? अगर आप 8-9 सालों से ईयरबड्स का इस्तेमाल कर रहे हैं तो बेहद जरूरी है कि आप इसके इस्तेमाल पर ध्यान दें और जितनी वॉल्यूम कानों के लिए सही हो उतनी वॉल्यूम में ही सुनें. इससे आपके कानों की सुनने की शक्ति लंबे समय तक ठीक रहेगी.

 

 

लंबे समय तक और हाई वॉल्यूम में ईयरबड्स लगाने से कानों के अंदर के नाजुक हिस्से डैमेज हो सकते हैं, जिससे सुनने की शक्ति कम हो सकती है.

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय, श्री ऋषभ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एवं श्री ऋषभ इंस्टीट्यूट बनाहिल में देशभक्ति और उल्लास के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया

 

 

ये हैं ईयरबड्स लगाने के नुकसान
टिनिटस का खतरा, ये एक ऐसी स्थिति है जिसमें कानों में लगातार आवाज आती रहती है. ये अक्सर हाई वॉल्यूम में गाने सुनने के वजह से होता है.
ईयरबड्स को साफ न रखने से कान में इन्फेक्शन हो सकता है, लंबे समय तक ईयरबड्स लगाने से सिरदर्द हो सकता है.

 

 

ईयरबड्स रखें कितने डेसिबल पर?
नॉर्मली, 85 डेसिबल से ज्यादा आवाज कानों के लिए नुकसानदायक मानी जाती है. एक बार में 60 मिनट से ज्यादा समय तक ईयरबड्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. ईयरबड्स का वॉल्यूम हमेशा कम ही रखना चाहिए. ईयरबड्स का इस्तेमाल करते टाइम बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें.

 

 

 

ईयरबड्स कैसे इस्तेमाल करें?

ईयरबड्स से नुकसान से बचना है तो हमेशा सही साइज के ईयरबड्स ही सलेक्ट करें. वो आपके कानों में आराम से फिट होने चाहिए. ईयरबड्स को समय-समय पर साफ करें ताकि इंफेक्शन से बचा जा सके.
शोर वाली जगहों पर ईयरबड्स का इस्तेमाल करने से बचें, शोर वाली जगहों पर ईयरबड्स का वॉल्यूम बढ़ाने की जरूरत पड़ती है जिससे कानों को और ज्यादा नुकसान हो सकता है.

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय, श्री ऋषभ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एवं श्री ऋषभ इंस्टीट्यूट बनाहिल में देशभक्ति और उल्लास के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया

 

 

ईयरबड्स में गाने सुनने का समय एक दिन में जितना हो सके उतना कम करना चाहिए. जिम में चलते-फिरते या कोई भी काम करते टाइम इस्तेमाल करने से कान ही नहीं कई और नुकसान भी हो सकते हैं.

 

नॉइज कैंसलिंग

अगर आप शोर वाली जगहों पर रहते हैं, तो नॉइज कैंसलिंग ईयरबड्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे आपको कम वॉल्यूम पर भी संगीत सुनने में मदद मिलेगी. ईयरबड्स का इस्तेमाल करते समय बीच-बीच में ब्रेक लेना जरूरी है.

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय, श्री ऋषभ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एवं श्री ऋषभ इंस्टीट्यूट बनाहिल में देशभक्ति और उल्लास के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया

Related posts:

error: Content is protected !!