Z+ सिक्योरिटी का क्या होता है प्रोटोकॉल? पत्नी भी साथ में नहीं बैठ सकती, जानिए वजह..

आमतौर पर सभी लोग अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहते हैं। चाहे आम आदमी हो या फिर कोई सेलिब्रिटी या कोई नेता राजनेता हों। सेलिब्रिटीज अपनी पर्सनल सिक्योरिटी टीम लेकर चलते हैं। लेकिन अगर किसी को सार्वजनिक रूप से धमकी दी जाती है तो फिर सरकार भी है उन्हें सुरक्षा मुहैया कराती है।

 



 

 

इसके साथ ही भारत के प्रधानमंत्री राष्ट्रपति और अन्य राजनेताओं को भी सरकारी सुरक्षा मिलती है। सरकार की सिक्योरिटी कई तरह की होती है। इसमें X,Y, Y+, Z और Z+ सिक्योरिटी शामिल है। जेड प्लस सिक्योरिटी बहुत अहम मानी जाती है। इस सुरक्षा का मतलब है कि सिक्योरिटी पाने वाला शख्स जहां भी जाएगा। वहां सुरक्षा का पहरा सख्त होगा। सुरक्षा गार्डों का ग्रुप साथ में चलता है।

 

 

 

बता दें कि देश में सरकार की ओर से कुछ लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। ये सुरक्षा उन लोगों को दी जाती है। जिन्हें किसी तरह का खतरा होता है। सुरक्षा एजेंसी व्यक्ति की जान के खतरे को देखती है। उसके आधार पर सुरक्षा मुहैया कराई जाती है।

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Z+ सिक्योरिटी क्या होती है?

भारत में Z+ सुरक्षा सर्वोच्च श्रेणी की सुरक्षा मानी जातती है। Z+ सुरक्षा में 10 से ज्यादा NSG कमांडो होते हैं। कुल मिलाकर 55 ट्रेंड जवान तैनात रहते हैं। ये सभी कमांडो 24 घंटे व्यक्ति के चारों तरफ पैनी नजर रखते हैं। सुरक्षा में लगा हर एक कमांडो मार्शल आर्ट का स्पेशलिस्ट होता है। इसके साथ ही इस जत्थे में आधुनिक हथियार भी होते हैं। जिसमें CRPF के टॉप कमांडो भी शामिल होते हैं। इसके साथ ही इसमें दिल्ली पुलिस और आईटीबीपी के जवान भी होते हैं। इनके पास MP5 हथियार और आधुनिक बुलेट प्रूफ जैकेट के साथ आधुनिक गैजेट भी मौजूद होते हैं। किस शख्स को कौन सी सिक्योरिटी मिलेगी, यह फैसला गृह मंत्रालय का होता है। मंत्रालय से खास अधिकार प्राप्त कमेटी अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाले इनपुट के आधार पर सुरक्षा बढ़ाने या घटाने का फैसला करती है।

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Z+ सुरक्षा वाले VIP की कार में कौन-कौन बैठ सकते हैं?

Z+ सुरक्षा वाले VIP की कार में कौन बैठ सकता है? इस बारे में सुरक्षा एजेंसियां तय करती हैं। जिस व्यक्ति को ये सुरक्षा मिली होती है। उसमें कुछ ही लोगों को बैठने की अनुमति दी जाती है। वहीं Z+ सुरक्षा वाले VIP की पत्नी भी साथ में नहीं बैठ सकती हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए VIP की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। अगर VIP की पत्नी कार में बैठती है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर कर सकता है। इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियों को यह भी चिंता रहती है कि कोई हमलावर VIP की पत्नी को बंधक बनाकर VIP से कुछ मांग सकता है।

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