JanjgirChampa News : भारतीय वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि : डॉ. चंद्रा और टीम को “इलेक्ट्रिक वाहन हेतु बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम” पर पेटेंट प्राप्त

जांजगीर-चाम्पा. भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बढ़ते प्रचलन के बीच एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। शासकीय नवीन महाविद्यालय सारागांव, जांजगीर चाम्पा के भौतिक शास्त्री डॉ. अंगेश चंद्रा और उनके अनुसन्धान टीम को “इलेक्ट्रिक वाहन हेतु बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम” (Battery Management System for Electric Vehicle) शीर्षक से भारतीय पेटेंट (No. 437228-001) प्राप्त हुआ है। यह आविष्कार इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी सुरक्षा, दक्षता और लंबी आयु सुनिश्चित करने में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



नवाचार की खासियत –
इस बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) को विशेष रूप से इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह बैटरी की चार्जिंग, डिस्चार्जिंग और तापमान को स्मार्ट तरीके से नियंत्रित करता है। यह सिस्टम बैटरी की स्थिति की निगरानी कर ओवरचार्जिंग और ओवरहीटिंग जैसी समस्याओं से सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे बैटरी की आयु बढ़ती है और वाहन का प्रदर्शन बेहतर होता है।

इसे भी पढ़े -  Malkharoda News : कलमी गांव में "गांव चलो-घर चलो" अभियान का जनपद पंचायत अध्यक्ष कवि वर्मा ने किया शुभारंभ, कहा, 'शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे यह भाजपा सरकार की मंशा'

ईवी उद्योग के लिए वरदान –
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से बढ़ते बाजार को देखते हुए यह तकनीक ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और पर्यावरणीय प्रदूषण घटाने में अहम योगदान देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के इंडिजेनस (स्वदेशी) नवाचार देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। इस बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के व्यावहारिक उपयोग से भारत के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में महत्वपूर्ण सुधार होंगे तथा यह तकनीक देश को ऊर्जा दक्षता और स्थायित्व की दिशा में आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए डॉ. चंद्रा ने कहा, “यह पेटेंट हमारी टीम के सतत प्रयास और शोध का परिणाम है। हमारा उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक सुरक्षित, किफायती और टिकाऊ बनाना है। हम भविष्य में इस तकनीक को व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa Action : अवैध खनिज गतिविधियों पर कार्रवाई, 1 हाइवा,1 जेसीबी मशीन, 2 ट्रैक्टर जब्त, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 612 प्रकरण दर्ज, 1.74 करोड़ से अधिक की वसूली...

भविष्य की संभावनाएं –
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के इनोवेशन न केवल घरेलू ईवी उद्योग को गति देंगे, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी मदद करेंगे। सरकार की ई-मोबिलिटी नीतियों और प्रोत्साहनों के बीच यह तकनीक उद्योग में तेजी से अपनाई जा सकती है।

इसे भी पढ़े -  Sakti Big News : जिला पंचायत सीईओ का पिसौद ग्राम पंचायत में औचक निरीक्षण, घटिया निर्माण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश...

error: Content is protected !!