



77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, चांपा में गरिमामय समारोह का आयोजन हुआ. संस्थान परिसर में ध्वजारोहण किया गया और राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ. सरस्वती माता एवं वीर शहीदों के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई. कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्य अतिथि इंजी. मंजूषा पाटले ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है. संविधान ने देशवासियों को समान अधिकार और कर्तव्यों का बोध कराया है. उन्होंने छात्र-छात्राओं से शिक्षा के साथ अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान युवाओं को कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है. इसके पश्चात मंचीय कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित अतिथियों ने सराहा. इस अवसर पर छात्रों द्वारा निर्मित कला कृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे अतिथियों ने बारीकी से देखा और प्रशंसा की. हथकरघा उद्योग के सदस्य चंद्रशेखर देवांगन ने कहा कि गणतंत्र दिवस देश के लिए गर्व का दिन है. संविधान लागू होने के बाद भारत ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं. सरकार की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और हथकरघा क्षेत्र में भी बड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को मिलेगा. यह प्रौद्योगिकी संस्थान आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए एक नई मिसाल बनेगा।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में परिसर में पौधरोपण किया गया. इस कार्यक्रम के दौरान में प्राचार्य सौरभ सिंह ठाकुर, बिहारी लाल पटेल (डीडीओ लाइब्रेरियन), श्रद्धा द्विवेदी, जयंती देवांगन, एकता सोनी, फैज अहमद, मेघराज देवांगन, नरेंद्र सिंह उइके, शिव कुमार देवांगन, अभय कुमार देवांगन, नारायण प्रसाद देवांगन, नरोत्तम कुमार, माधो देवांगन, मांघीलाल देवांगन सहित संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. समारोह का समापन देश की एकता, अखंडता और संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ किया गया.






