CG IFS Promotion List: IFS अफसरों का प्रमोशन… देखें पूरी लिस्ट

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार के वन मंत्रालय ने प्रदेश के पांच भारतीय वन सेवा अधिकारियों को पदोन्नत किया है। इस सूची में मनेन्द्रगढ़ के नवपदस्थ डीएफओ चंद्र कुमार अगरवाल का नाम भी शामिल है। इसके अलावा विशेष कपिल (2022), एस. नवीन कुमार (2022), वेंकटेश एम. जी. (2022), ऋषभ जैन (2022) और विपुल अग्रवाल (2022) का नाम शामिल है।



नए साल में भी हुई थी पदोन्नत्ति
गौरतलब है कि, नए साल की शुरुआत में भी भारतीय वन सेवा से 19 वरिष्ष्ठ अफसरों को उनके पद के अनुरूप वेतनमान के साथ ही पदोन्नत किया गया था। इसमें 9 से लेकर 18 साल की सेवा पूरी करने वाले आईएफएस अधिकारियों के नाम शामिल थे। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अवर सचिव डीआर चंद्रवंशी के द्वारा इसका आदेश जारी किया था।

इसे भी पढ़े -  Koriya Police Transfer : टीआई, SI, ASI समेत 69 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर, SP ने जारी किया आदेश...

पदोन्नत होने वाले अफसरों में 2007 बैच के विश्वेश कुमार, एम मर्सीबेला, कृष्णराम बढ़ई, मनोज कुमार पांडेय, अमिताभ बाजपेयी, रामअवतार दुबे और रमेश चंद्र दुग्गा, 2011 बैच के स्टायलो मण्डावी, विजया रात्रे, 2012 बैच के गुरूनाथन एन, प्रियंका पांडेय, 2016 बैच के कुमार निशांत, मयंक अग्रवाल, पंकज कुमार, चूड़ामणी सिंह, पुष्पलता, लोकनाथ पटेल और सलमा फारूकी का नाम शामिल था।

इसे भी पढ़े -  Akaltara Shop Fire : किराना दुकान में लगी आग, दमकल की 2 गाड़ी ने आग पर काबू पाया...

मनेंद्रगढ़ से हटाए गये मनीष कश्यप
मनेन्द्रगढ़ जिले के वनमंडल में पदस्थ आईएफएस अधिकारी मनीष कश्यप को निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में मंत्रालय की ओर से विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है। फिलहाल उनकी जगह चंद्र कुमार अग्रवाल को मनेन्द्रगढ़ का नया वनमंडलाधिकारी (DFO) नियुक्त किया गया है। निलंबित अधिकारी मनीष कश्यप पर गंभीर आरोप लगे हैं।

क्यों हुए निलंबित?
जानकारी के अनुसार मनीष कश्यप पर वन विभाग के सचिव से अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने का आरोप है। इसी वजह से उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इस घटना के बाद से ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही थी।

इसे भी पढ़े -  CG Crime News: देर रात पति ने की ऐसी डिमांड, नहीं मानी पत्नी तो उतार दिया मौत के घाट, वारदात की वजह जानकर हैरान हो जाएंगे आप

दूसरी बार निलंबन
यह मनीष कश्यप का दूसरा निलंबन है। इससे पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान भी उन्हें निलंबित किया गया था। हालांकि सरकार बदलने के बाद उन्हें मनेन्द्रगढ़ में नई पदस्थापना दी गई थी। लेकिन अपनी विवादित कार्यशैली के कारण उन्हें एक बार फिर कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

error: Content is protected !!