JanjgirChampa Big News : सरपंच को फरार बता रही पुलिस, गांव में कई दिनों तक मौजूद रहा सरपंच, नवागढ़ पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल ?, सरपंच के खिलाफ दर्ज हुई है रेप की FIR…

जांजगीर-चाम्पा. केरा गांव के सरपंच संतोष कोसले के खिलाफ युवती ने रेप की एफआईआर दर्ज कराई है. इसके बाद नवागढ़ पुलिस, आरोपी सरपंच को फरार बता रही है, जबकि कई दिनों तक केरा गांव में आरोपी सरपंच मौजूद रहा. पुलिस का दावा है कि पकड़ने के लिए पुलिस, आरोपी के घर तक गई, लेकिन सरपंच नहीं मिला. हालांकि, पुलिस के इस दावे पर इसलिए सवाल खड़े हो गए हैं कि थाना में एफआईआर के बाद सरपंच, गांव में कई दिनों तक मौजूद रहा, कई कार्यक्रमों में शामिल होता रहा, पंचायत भवन भी गया, लेकिन पुलिस का तंत्र क्या इतना कमजोर है कि आरोपी सरपंच के बारे में पता नहीं चला ? या यूं कहें कि खुलेआम गांव में घूम रहे आरोपी सरपंच को नवागढ़ पुलिस पकड़ना ही नहीं चाह रही है ? ऐसे में नवागढ़ पुलिस पर आरोपी सरपंच को संरक्षण देने का आरोप लगना स्वाभाविक है ?

 



जानकारी के मुताबिक, सरपंच संतोष कोसले ने गांव की युवती से दुष्कर्म किया था और सरपंच ने युवती को धमकी दी थी. इसके बाद, युवती जम्मू चली गई थी. नवागढ़ पुलिस ने गुम इंसान दर्ज किया था और युवती को दस्तयाब किया, तब केरा गांव के सरपंच संतोष कोसले द्वारा दुष्कर्म करने की जानकारी पुलिस को युवती ने दी. इस पर जम्मू में शून्य में रेप की एफआईआर दर्ज हुई और इसके बाद नवागढ़ थाना में 14 फरवरी की रात 9:15 बजे नम्बरी दर्ज किया गया. अब एफआईआर हो गई तो आरोपी सरपंच की गिरफ्तारी होनी चाहिए थी, लेकिन नवागढ़ पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की. आरोपी सरपंच संतोष कोसले, गांव में रहा और कई कार्यक्रमों में शामिल हुआ. उसने बकायदा स्टेटस भी लगाया. वह पंचायत भवन भी जाता रहा, लेकिन नवागढ़ पुलिस का तंत्र इतना कमजोर है कि आरोपी सरपंच के बारे में पुलिस को पता नहीं लगा ? या कह सकते हैं कि आरोपी सरपंच को पुलिस पकड़ना ही नहीं चाह रही है, तभी तो आरोपी सरपंच 15 फरवरी से आज 19 फरवरी की सुबह 11 बजे तक केरा गांव में ही रहा.

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बताया गया है कि सरपंच को जम्मू में एफआईआर होने की भी सूचना थी. अब सवाल यह है, सरपंच को सूचना कैसे मिल रही थी और कौन दे रहा था ? नवागढ़ पुलिस ने सरपंच के गांव में रहने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं की, इससे आरोपी सरपंच को पुलिस द्वारा संरक्षण देने का आरोप लगना स्वाभाविक है ?
14 फरवरी को रात में रेप की एफआरआई हुई, लेकिन पुलिस ने आज 19 फरवरी को प्रेस विज्ञप्ति जारी किया. इसमें भी आरोपी सरपंच संतोष कोसले को फरार बताया गया, जबकि वह केरा गांव में सुबह 11 बजे तक रहा.

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मामले को लेकर नवागढ़ थाना के टीआई कमलेश शेंडे से बात की गई तो उन्होंने भी आरोपी सरपंच को फरार बताया. इसके बाद, आरोपी सरपंच को लेकर केरा गांव से जानकारी लेने पर मीडिया को पता चला कि सरपंच संतोष कोसले तो कई दिनों से गांव में ही है, कई कार्यक्रमों में शामिल भी हुआ है, पंचायत भवन भी पहुंचा है. सवाल यही है कि आरोपी सरपंच के गांव में होने के बाद नवागढ़ पुलिस को पता कैसे नहीं चला ? या फिर नवागढ़ पुलिस, आरोपी सरपंच की गिरफ्तारी करना नहीं चाहती ? अब देखना होगा, आरोपी सरपंच की गिरफ्तारी नवागढ़ पुलिस कब तक कर पाती है ?, लेकिन रेप की एफआईआर के बाद आरोपी सरपंच की कई दिनों बाद भी गिरफ्तारी नहीं होना, नवागढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़ा करता है ?

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केरा गांव में सरपंच पर शराब बिकवाने का भी आरोप
केरा गांव में शराब की अवैध बिक्री लगातार जारी है. बताया गया है कि सरपंच के संरक्षण में शराब की बिक्री होती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरपंच को कौन संरक्षण दे रहा है ? केरा गांव में शराब के मामले में कार्रवाई नहीं होने से नवागढ़ पुलिस की भूमिका पर भी उंगली उठना लाजिमी है ?

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