



जांजगीर-चाम्पा. कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता. कोई व्यक्ति छोटा काम करके भी उस कारोबार से लखपति बन जाता है इस वाक्या को सच कर दिखाई हैं जिले के बलौदा ब्लॉक अंतर्गत जाटा पंचायत के आश्रित गांव बहेराडीह की पुष्पा यादव.
उन्होंने अपने घर के पीछे बाड़ी में गोबर गैस सयंत्र के पास केंचुआ पालन किया और अच्छी गुणवत्ता की जैविक खाद बनाने का कारोबार शुरू किया. इस बीच प्रदेश में गोठान योजना लागू हुई. शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के कोरबा, बिलासपुर समेत 6 जिलों के गोठानो में केंचुआ सप्लाई और केंचुआ पालन ट्रेनिंग का काम मिला, वहीं अच्छी गुणवत्ता की बड़े पैमाने पर जैविक खाद बनाने का कारोबार शुरू किया. इस कारोबार से उन्हें अब तक करीब तेरह लाख रूपये से अधिक आमदनी प्राप्त हों चुकी है.
पुष्पा यादव को बिहान कार्यक्रम के तहत न सिर्फ लखपति दीदी के रूप जिला प्रशासन ने चयनित किया है बल्कि उन्हें गांव की पशु सखी दीदी भी बनाई गई, जो ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान जांजगीर में सब्जी खेती व नर्सरी प्रबंधन का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है.
पुष्पा यादव ने बताया कि वे 20 जून 2005 में गांव में गंगे मईय्या स्व सहायता समूह का गठन किया. समूह द्वारा स्कूल में मध्यान भोजन बनाने का काम शुरू किया. इस बीच 2 जनवरी 2020 को बिहान में समूह को सम्बद्ध कराई. इस राज्य में गोठान योजना लागू किया गया. प्रदेश के कोरबा, बिलासपुर समेत 6 जिले के गोठानो में केंचुआ सप्लाई और समूह की महिला को प्रशिक्षण देने का काम मिला, वहीं केंचुआ पालन के दौरान उससे प्राप्त उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद बड़े पैमाने पर तैयार हुई. आईसीनिया फोटीडा किस्म की केंचुआ का पालन तथा जैविक खाद बनाने के कारोबार ने उन्हे लखपति बना दिया. जिला पंचायत एनआरएलएम ने क़ृषि और पशुपालन के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए लखपति दीदी के साथ ही पशु सखी बनाकर उनका मान बढ़ाया है.





