जांजगीर-चाम्पा. जांजगीर क्षेत्र के धुरकोट गांव में तरबूज खाने से बच्चे की कथित मौत के मामले में खाद्य प्रशासन को तरबूज की सैम्पल रिपोर्ट मिल गई है और तरबूज में कोई मिलावट नहीं मिली है. दूसरी ओर, बिसरा और केमिकल जांच रिपोर्ट से बच्चे की मौत की वजह का खुलासा हो सकेगा और पुलिस ने जहां बिसरा तो डॉक्टर ने केमिकल जांच के लिए भेजा है. 11 मई को तरबूज और चिकन खाने के बाद बच्चे की मौत हुई थी और अन्य 3 बच्चों की बिगड़ी थी तबियत बिगड़ी थी.






दरअसल, 9 मई को धुरकोट गांव की बुजुर्ग महिला ने जांजगीर में 2 तरबूज खरीदा, जिसमें 1 तरबूज के आधे हिस्से को काटकर 1 बच्चे ने 9 मई को खाया और बचे आधे को रख दिया था. दूसरे दिन यानी 10 मई को 15 साल के बच्चे अखिलेश और अन्य 2 बच्चों ने उसी तरबूज को दोपहर में खाया. फिर रात में बच्चों ने चिकन भी खाया, फिर देर रात 3 बच्चों की तबियत बिगड़ गई. इसमें अखिलेश धीवर की तबियत ज्यादा खराब थी, उसे उल्टी हो रही थी. तीनों बच्चों को जिला अस्पताल लाने पर अखिलेश ने दम तोड़ दिया. बच्चे की मौत के बाद प्रशासन में हड़कम्प मच गया था. पूछताछ में पता चला, 9 मई को एक अन्य बच्चे ने भी तरबूज को सबसे पहले खाया था, उसे भी जिला अस्पताल में एहतियातन भर्ती कराया गया था.
इस तरह खाद्य प्रशासन ने घर में रखे एक अतिरिक्त तरबूज को जब्त किया और उसे जांच के लिए भेजा था. जांच के बाद अब 1 माह बाद रिपोर्ट आ गई है और तरबूज में कोई मिलावट नहीं मिली है. अब इंतजार, बिसरा और केमिकल जांच रिपोर्ट की है, जिससे बच्चे की मौत की असल वजह का पता चलेगा.



