




सक्ती. कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सक्ती वासु जैन ने जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पिसौद में जिला खनिज न्यास संस्थान मद (डीएमएफ) से स्वीकृत सीसी रोड निर्माण कार्य में अनियमितता एवं गुणवत्ताविहीन कार्य पाए जाने पर सचिव श्रीमती लीला कमलेश को निलंबित कर दिया है।
जिला पंचायत सक्ती से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सक्ती वासु जैन द्वारा 10 अप्रैल 2026 को कार्यस्थल का निरीक्षण किया गया, जिसमें निर्माण कार्य गुणवत्ताविहीन पाया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि सचिव द्वारा तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति में दिए गए निर्देशों का उल्लंघन किया गया तथा कार्य में लापरवाही एवं मनमानी बरती गई। इस संबंध में सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। सचिव श्रीमती लीला कमलेश द्वारा 13 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत जवाब में बताया गया कि निर्माण कार्य के दौरान वे नियमित रूप से स्थल का निरीक्षण करती थीं तथा कार्य को नियमानुसार कराने के निर्देश देती थीं।
उन्होंने यह भी बताया कि नदी से रेत ढोने वाले ट्रैक्टरों के आवागमन से सीसी रोड क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी मरम्मत जांच दल एवं एसडीओ जैजैपुर के मार्गदर्शन में कराई गई। सचिव के अनुसार, मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद उप अभियंता एवं एसडीओ द्वारा स्थल का निरीक्षण कर कार्य को सही बताया गया तथा उनके अनुशंसा के आधार पर 20 प्रतिशत राशि का भुगतान भी किया गया। हालांकि, जांच में यह पाया गया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रमाण पत्र, जो कि गुण नियंत्रण उप इकाई, केंद्रीय प्रयोगशाला सक्ती द्वारा 6 नवंबर 2025 को जारी किया गया था, कूट रचित तरीके से तैयार किया गया। इसके चलते शासकीय राशि के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई तथा कार्य की गुणवत्ता निम्न स्तर की पाई गई, जिसके कारण सड़क उखड़ने एवं क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में है।
प्रस्तुत स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर सचिव श्रीमती लीला कमलेश का कृत्य शासकीय कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की श्रेणी में पाया गया, जो छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 एवं सचिवों के शक्तियां एवं कर्तव्य नियम 1999 के विपरीत है। उक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए, छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1999 के नियम 4 के तहत सचिव श्रीमती लीला कमलेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा तथा इस अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत जैजैपुर, जिला सक्ती निर्धारित किया गया है।
ग्राम पंचायत पिसौद में गुणवत्ताविहीन सी.सी. रोड निर्माण पर सरपंच के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ
सक्ती. कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सक्ती वासु जैन द्वारा जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पिसौद की सरपंच श्रीमती जयमति के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की गई है।
जिला पंचायत सक्ती से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पिसौद में जिला खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफ) मद से स्वीकृत सी.सी. रोड निर्माण कार्य में गुणवत्ता विहीन निर्माण की शिकायत प्राप्त हुई थी। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सक्ती वासु जैन द्वारा दिनांक 10 अप्रैल 2026 को कार्यस्थल का पुनः निरीक्षण किया गया, जिसमें निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन पाया गया।
निरीक्षण में यह पाया गया कि सरपंच द्वारा घोर लापरवाही बरती गई तथा तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति में दिए गए निर्देशों का उल्लंघन किया गया। उक्त कृत्य पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 48 तथा संबंधित नियम 1994 (सरपंच के कर्तव्य एवं शक्तियाँ) के विपरीत पाया गया। फलस्वरूप सरपंच को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में सरपंच श्रीमती जयमति द्वारा दिनांक 13 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत जवाब में उल्लेख किया गया कि सी.सी. रोड निर्माण कार्य ग्राम पंचायत द्वारा अनुबंध के माध्यम से कराया गया तथा कार्य उप अभियंता के मार्गदर्शन में संपादित हुआ। साथ ही यह भी बताया गया कि नदी से रेत परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों के आवागमन से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी मरम्मत जांच दल एवं एसडीओ के निर्देशानुसार करा ली गई है। सरपंच द्वारा यह भी बताया गया कि मरम्मत कार्य पूर्ण होने के उपरांत उप अभियंता एवं एसडीओ द्वारा निरीक्षण कर कार्य को संतोषजनक बताया गया तथा 20 प्रतिशत राशि का भुगतान भी स्वीकृत किया गया। साथ ही गुणवत्ता नियंत्रण उप इकाई, केन्द्रीय प्रयोगशाला सक्ती द्वारा दिनांक 06 नवम्बर 2025 को गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किया गया था। हालांकि, जांच में यह पाया गया कि उक्त गुणवत्ता प्रमाण पत्र कूट रचित दस्तावेज के आधार पर तैयार किया गया है तथा शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है, जिसके कारण सी.सी. रोड क्षतिग्रस्त एवं उखड़ रही है और कार्य गुणवत्ताहीन है। प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर सरपंच द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पिसौद की सरपंच श्रीमती जयमति के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 39 के अंतर्गत तत्काल कार्यवाही करते हुए धारा 40 के तहत नियमानुसार आगे की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।





