




खरौद. धार्मिक नगरी, छग की काशी के नाम से विख्यात खरौद में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की स्मृति में लक्ष्मणेश्वर मंदिर के सामने ‘छत्तीसगढ़ी कबि सम्मेलन’ का आयोजन किया गया. आयोजन का यह तीसरा वर्ष रहा और काव्य रसिकों, नगरवासियों, क्षेत्रवासियों में काफी उत्साह दिखा. इस ‘छत्तीसगढ़ी कबि सम्मेलन’ में राजनांदगांव के हास्य कवि पद्मलोचन शर्मा ‘मुंहफट’, बेमेतरा के हास्य कवि रामानंद त्रिपाठी, कोरबा की श्रृंगार कवियित्री श्रीमती संतोषी ‘श्रद्धा’, साजा के ओज कवि ईश्वर साहू ‘आरुग’, बालोद के हास्य कवि कैलाश कुंवारा शामिल हुए, वहीं छत्तीसगढ़ी कबि सम्मेलन का संचालन बिलाईगढ़ के कवि ( हास्य-व्यंग्य-गीत ) शशिभूषण सनेही ने किया. यहां सभी कवियों ने गीत, हास्य और ओज के स्वर में 3 घण्टे तक समां बांधे रखा.

आपको बता दें, छग में खरौद पहली जगह है, जहां ‘छत्तीसगढ़ी कबि सम्मेलन’ का आयोजन होते आ रहा है. यहां छतीसगढ़ी में सभी कवियों ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित काव्य रसिकों ने खूब सराहा और उनमें खासा उत्साह दिखा.
‘छत्तीसगढ़ी कबि सम्मेलन’ की शुरुआत मां सरस्वती, भगवान लक्ष्मणेश्वर और वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू के तैलचित्र के समक्ष पूजा-अर्चना से हुई, फिर सुमधुर स्वर की स्वामिनी कोरबा की कवियत्री संतोषी ‘श्रद्धा’ ने वंदना प्रस्तुत किया. यहां बालोद से आए हास्य व्यंग्य के कवि कैलाश कुंवारा ने खूब ठहाके लगवाए. साथ ही, सामाजिक कुरीतियों पर तंज कसे, वहीं साजा से आए ओज कवि ईश्वर साहू ‘आरुग’ ने राष्ट्रवादी कविताओं के साथ छत्तीसगढ़ी माटी, महतारी के सम्मान में ठेठ छत्तीसगढ़ी अंदाज में काव्यपाठ कर मंच को ऊंचाई दी. इसके पुनः संतोषी ‘श्रध्दा’ के द्वारा काव्यपाठ किया गया, जिसमें उन्होंने विशुद्ध प्रेम श्रृंगार की पंक्तियों से समां बांधते हुए काव्यांजलि दी.
राजनांदगांव से पधारे वरिष्ठ कवि पद्मलोचन शर्मा ‘मुंहफट’ ने हास्य पैरोडी से जबरदस्त माहौल बनाया. साथ ही वरिष्ठ पत्रकार स्व. कुंजबिहारी साहू के प्रति अपनी श्रध्दा प्रकट करते हुए बातें रखी. फिर बेमेतरा से आए हास्य कवि रामानंद त्रिपाठी ने
भी शानदार प्रस्तुति दी और अपने हास्य अंदाज से सबको खूब गुदगुदाया. अंत में, संचालन कर रहे बिलाईगढ़ से पहुंचे कवि शशिभूषण सनेही ने भाई, मां, परिवार पर संदेशपरक एवं मार्मिक मानवीय संवेदनाओं की कविताओं से सबको भाव-विभोर करते हुए प्रस्तुति दी. ‘छत्तीसगढ़ी कबि सम्मेलन’ में बौद्धिक जनमानस ने रात्रि 2:30 तक रचनाओं का रसपान करते हुए पूरी तन्मयता से खूब आनंद लिया. कार्यक्रम का समापन, कवियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर किया गया.
कार्यक्रम का संचालन कोमल साहू और आभार प्रदर्शन आयोजन समिति के संयोजक राजकुमार साहू ने किया. इस मौके पर बिलासपुर से पहुंचे मोनू कश्यप, वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह के संचालक दीनदयाल यादव, नपं खरौद के उपाध्यक्ष महेश्वर यादव, पार्षद डॉ. हरेकृष्ण साहू, नीलम यादव, हुलाश साहू, नागरिकगण सुबोध शुक्ला, पुष्कर साहू, टालूराम साहू, ओमप्रकाश शर्मा, रवि यादव, इंदलदेव सेवा समिति के कृष्णकुमार आदित्य, फिरत आदित्य, हेमंत साहू, लव सोनी, श्रवण आदित्य, कैलाश थवाईत, दिनेश यादव, जांजगीर के शम्भू सिंह, मोरिनबाई साहू, गीता देवी साहू, हिमांशु साहू, कविता साहू, उषाकिरण साहू, चाम्पा के अजय अग्रवाल, सिवनी ( चाम्पा ) के रामाधार देवांगन, बहेराडीह के बाबूलाल यादव, रामायण सिंह कंवर, उर्मिला यादव, पुष्पा यादव, साधना यादव, कोसमन्दा के विकास साहू समेत अन्य काव्य प्रेमी मौजूद थे.
किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव का हुआ सम्मान
बहेराडीह गांव में देश का पहला किसान स्कूल संचालित है, जिसके संचालक दीनदयाल यादव हैं. इन्होंने खरौद निवासी वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू के नाम में किसान स्कूल का ‘नामकरण’ किया है, इसलिए जनप्रतिनिधियों के साथ नगरवासियों ने दीनदयाल यादव का सम्मान किया. यहां जनप्रतिधियों और नगरवासियों ने दीनदयाल यादव की पहल और प्रयास की सराहना की.
किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव का हुआ सम्मान




