जांजगीर-चाम्पा. केराकछार गांव की हसदेव नदी में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन जम्मकर हो रहा है. यहां चेन माउंटेन से रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है, वहीं बगल के गांव जोगीपाली ( कोरबा जिला ) 2 जगह सैकड़ों हाइवा रेत को डंप किया गया है. डंप वाली दोनों जगह पर चेन माउंटेन भी लगी रहती है. इस तरह दो जिलों की सरहद का रेत माफिया, गजब तरीके से नाजायज फायदा उठा रहे हैं. केराकछार गांव में एक जगह से रेत के उत्खनन को गांव वालों ने रोका है, वहीं दूसरी जगह पर रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन बेखौफ जारी है. इस पर ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है. कार्रवाई नहीं होने से रेत माफिया मालामाल हो रहे हैं, क्योंकि रोजाना सैकड़ों हाइवा रेत की सप्लाई हो रही है.






आपको बता दें, 10 जून से 15 अक्टूबर तक रेत के उत्खनन पर प्रतिबन्ध लग गया है. फिर भी लगातार रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन जारी है. रेत माफिया बेलगाम हैं और हसदेव नदी को रेत उत्खनन से बड़ा नुकसान हो रहा है, वहीं शासन को भी राजस्व की हानि हो रही है और रेत माफिया लाखों की अवैध कमाई करने में लिप्त हैं.



