जांजगीर. अस्पताल के चिकित्सकों की तत्परता, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और समर्पित टीम के प्रयासों से सर्पदंश (सांप काटने) की शिकार एक गंभीर मरीज को नया जीवन मिला। मरीज की हालत अस्पताल में भर्ती होने के समय अत्यंत नाजुक थी और बेहतर उपचार के लिए उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था।







चिकित्सकों एवं आईसीयू टीम ने लगातार निगरानी और उचित उपचार प्रदान किया। इलाज के दौरान मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और सफलतापूर्वक उसे वेंटिलेटर से बाहर लाया गया।
मरीज का संपूर्ण उपचार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किया गया, जिससे परिवार पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। निरंतर देखभाल और प्रभावी इलाज के बाद मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ होकर आज अस्पताल से डिस्चार्ज हो रही है।
इस सफल उपचार ने एक बार फिर साबित किया है कि समय पर अस्पताल पहुंचने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से सर्पदंश जैसी गंभीर स्थिति में भी मरीज का जीवन बचाया जा सकता है।
अस्पताल परिवार मरीज के स्वस्थ जीवन की कामना करता है तथा आमजन से अपील करता है कि सर्पदंश की स्थिति में किसी भी प्रकार के झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाएं, बल्कि तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।



