जांजगीर-चाम्पा. किसानों को क़ृषि अवशेष अर्थात पैरा से पुटू उगाने की एक और जहां क़ृषि वैज्ञानिकों द्वारा उन्नत तकनीक से पैरा पुटू उगाने की तकनीक सिखाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बहेराडीह गांव में स्थित देश के पहले किसान स्कूल में पैरा पुटू उगाने की उन्नत के साथ साथ परंपरागत तरीके से उगाने की तकनीक किसानों कों सिखाई जा रही है.








इस सम्बंध में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह के संचालक दीनदयाल यादव ने बताया कि पराली को खेत में जलाने के बजाय पराली अर्थात पैरा से पैसा कमाने का उपाय मशरूम उत्पादन का उन्नत तकनीक के साथ साथ परंपरागत तरीके से उत्पादन करने की जानकारी दी जा रही है. इसके साथ ही किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव व मशरूम उत्पादन के ट्रेनर व पशु सखी पुष्पा यादव द्वारा सालों से पैरा पुटू उत्पादन के क्षेत्र में किये जा रहे नवाचार, अनुसन्धान को अपनाने की सलाह दी गई.
प्रशिक्षण में स्थानीय जिले के अकलतरा ब्लॉक के कोटमीसुनार गांव से प्रगतिशील युवा कृषक ठण्डारम सोनी समेत राजेश्वरी पटेल, तरुण कुमार पटेल गिधौरी ( सक्ती ), वीरेंद्र कर्ष, राकेश कुम्हार सारागांव, मैनदास, जानकी महंत कुरदा नगरदा, नितेश्वरी गढ़ेवाल, लव गढ़ेवाल धुरकोट, भोला यादव कमरीद, सीमा साहू, रजनी साहू, सरोज पाण्डेय सरखों आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए.



