श्रीया अग्रवाल “भाषा अभिव्यक्ति का केवल साधन होनी चाहिए; साध्य नहीं।” किसी भाषा पर अच्छी पकड़…
Category: सम्पादकीय-लेख
हरेली पर्व पर विशेष : धान की खेती में ब्यासी पद्धति को भूल गये हैं आज के किसान, ब्यासी नागर की जुताई का एक दिन की बारह सौ उपये, मगर फायदा बारह हजार रूपये का होगा
जांजगीर-चाम्पा. परम्परागत क़ृषि पद्धति को छोड़कर आज किसान यंत्रिकीकरण की पद्धति को अपनाने लगे हैं. इससे…
लेख – भारत की इस प्रगति से चिंता में हैं कुछ देश तो कुछ हैं हैरान, इसलिए रच रहे साजिश
निरंकार सिंह नई संभावनाओं के साथ देश नए वर्ष में प्रवेश कर चुका है। वैश्विक महामारी…
छत्तीसगढ़ी लेख – महंगाई डायन : समारू-पहारू के गोठ
राजकुमार साहू समारू – महंगाई ह, आजकल कहां हे… पहारू – सब के घर म त…
लेख – मुख्यमंत्री का अमेरिका प्रवास : छत्तीसगढ़ में नई संभावनाएं के खुलेंगे द्वार
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दस दिवसीय अमेरिका प्रवास कई मायनों में सार्थक रहा। अमेरिका में…