लेख – मंत्री का इस्तीफा, छत्तीसगढ़ में सियासत गरमाई, अब आगे क्या होगा…

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सियासत गरमा गई है. वजह विपक्ष नहीं है, बल्कि सरकार के मंत्री के इस्तीफे ने प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया है.

 



छग में कांग्रेस की सरकार है और मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर खींचतान पहले से ही बना हुआ है. ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री रहने के मामले में रस्साकस्सी चल ही रही थी. ऐसे में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने इस्तीफा दे दिया है. वे स्वास्थ्य मंत्री बने रहेंगे.

मंत्री टीएस सिंहदेव के इस बड़े फैसले के बाद तमाम तरह की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है. मंत्री टीएस सिंहदेव ने इस्तीफे के साथ 4 पन्ने का पत्र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखा है. इस पत्र में टीएस सिंहदेव ने राशि नहीं मिलने से प्रदेश के 8 लाख लोगों का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर नहीं बन पाने का जिक्र किया है, जबकि सीएम को अवगत कराया गया था. टीएस सिंहदेव ने इसके लिए दुख जताया है.

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टीएस सिंहदेव ने यह भी पत्र में लिखा है कि मनरेगा के सहायक परियोजना अधिकारियों ( संविदा ) की पुनःपदस्थापना, विभागीय मंत्री के बगैर अनुमोदन के कर दी गई, जो स्वीकार्य नहीं है.

कांग्रेस सरकार में शुरू हुई रार पर विपक्ष भी सवाल उठा रहा है. विपक्ष को सरकार को घेरने का एक बड़ा मौका मिला है, जिसके बाद छग में सियासत पर देश भर की नजर टिक गई है. वैसे भी, देश के कम ही राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां भी सरकार में जब नूराकुश्ती हो और नौबत, मंत्री के इस्तीफे तक आ जाए, इससे समझा जा सकता है कि सरकार के अंदरखाने में क्या कुछ चल रहा है ?

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फिलहाल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया के सवाल पर कहा कि मंत्री टीएस सिंहदेव के पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री पद से इस्तीफे की जानकारी मीडिया से मिली है. उनसे चर्चा होगी तो स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

अब देखने वाली बात होगी कि छग में कांग्रेस की राजनीति किस करवट बैठेगी और मंत्री टीएस सिंहदेव की नाराजगी दूर करने, उनसे समन्वय करने क्या पहल की जाती है ? फिलहाल, विपक्ष को बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा हाथ लग गया है और सरकार को घेरने में विपक्ष जुट गया है. दूसरी ओर, टीएस सिंहदेव ने इस्तीफे का तीर अपनी कमान से छोड़ा है, वह छग की राजनीति और कांग्रेस को कितना प्रभावित करेगा, यह आने वाले दिनों में पता चलेगा ?

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