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लॉकडाउन में बीसी सखियां दे रही हैं ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं, ग्रामीणों ने लॉकडाउन के दौरान 1 करोड़ 10 लाख रूपए मनरेगा की मजदूरी, पेंशन, गैस सब्सिडी की राशि का किया आहरण

जांजगीर-चांपा. नोवेल कोरोना वायरस की महामारी के बीच जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की स्व सहायता समूह की बीसी सखी सेतु की महिलाएं लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद ग्रामीणों को घर पर ही बैंकिंग की सुविधाएं पहुंचा रही है। इन सुविधाओं में बुजुर्गों, महिलाओं को मिलने वाली पेंशन हो या फिर मनरेगा की मजदूरी का भुगतान यह सब उन्हें घर बैठे ही मिल रहा है तो वहीं ग्रामीण अपने मोबाइल का रिचार्ज करा रहे हैं और ऑनलाइन बिजली बिल का भुगतान भी कर रहे हैं। जिले में लॉकडाउन के दौरान लगभग 1 करोड़ 10 लाख रूपए का भुगतान बीसी सखी सेतु (‘सेतु’-एसईटीयू -इम्पावरिंग, ट्रांसफारमिंग एण्ड अर्बनाइजिंग विलेजेस ) के माध्यम से विभिन्न ग्राम पंचायतों के जरूरतमंदों को किया गया है।
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि लॉकडाउन अवधि में ग्रामीणों को बैंक जाने और वहां से पैसे निकालने में परेशानियों का सामना न करना पड़े इसके लिए सभी जनपद पंचायत सीईओ को बीसी सखी सेतु के माध्यम से बैंकिंग कार्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार करने कहा है। इसके साथ ही कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क का उपयोग करने, सेनिटाइजर से हाथ साफ करने, बार-बार हाथों को हेंडवाश से धोने, सोशल डिस्टेंस बनाए रखने कहा है। उन्होंने जपं सीईओ को ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से ग्रामीणजनों को बीसी सखी के माध्यम से कराए जा रहे भुगतान किए जाने की जानकारी ग्रामीणों को देने कहा है।
1 करोड़ 10 लाख का भुगतान
जिपं सीईओ श्री अग्रवाल ने बताया कि जिले की विभिन्न विकासखण्ड में वर्तमान में 12 समूह की महिलाओं के द्वारा ऑनलाइन लेपटाप का संचालन किया जा रहा है। साथ ही स्व सहायता समूह की 90 महिलाएं पे-प्वाइंट मोबाइल उपकरण के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग की सुविधा मुहैया करा रही हैं। लॉकडाउन अवधि में 1 करोड 10 लाख रूपए का भुगतान विभिन्न ग्राम पंचायतों के जरूरतमंद लोगों को किया गया है। इनमें शासन से दी जाने वाली पेंशन, मनरेगा की मजदूरी के अलावा गैस सब्सिडी, जनधन खाता का भुगतान, डीटीएस, मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल का भुगतान किया जा रहा है।
लॉकडाउन में बैंकिंग कार्य में राहत
बैंक सखी सुशीला साहू ने ग्रामीणों को बताया कि आपको बैंक जाने की जरूरत नहीं है। हितग्राही अपना पैसा बैंक सखी के माध्यम से भी निकाल सकते हैं। जानकारी मिलने के बाद पामगढ़ विखं के घनाराम, जयादेवी ने मनरेगा की बैंक में जमा राशि निकाली तो वहीं बुटूरबाई, रामेश्वरी ने पेंशन के 350 रूपए एवं गीताबाई ने 500 रूपए निकाली। यहीं नहीं, नीराबाई एवं सुनीता ने गैस सब्सिडी की राशि का आहरण बैंक सखी के माध्यम से किया। पामगढ़ विख की बीसी सखी सुशीला साहू के द्वारा जरूरतमंद ग्रामीणों को 17 लाख रूपए का बैंकिंग कार्य करते हुए भुगतान किया गया हैं। डभरा चुरतेला में उषा जायसवाल ने 5.5 लाख नवागढ पेंड़ी में 3.5 लाख रूपए, सेवई में 4.5 लाख रूपए, अकलतरा के खटोला में 1.76 लाख रूपए, मुरलीडीह 2.5 लाख रूपए, बलौदा विखं के बुडगहन में बैंक सखी के माध्यम से 2.35 लाख रूपए, बम्हनीडीह खपरीडीह में 2.9 लाख रूपए, सक्ती विखं के रगजा में 3.3 लाख एवं बेलाचुवा 2.8 लाख रूपए एवं मालखरौदा विखं दर्राभाटा में 3.75 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया गया है।

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