छत्तीसगढ़ : परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य संघ ने कायम किया वर्ल्ड रिकार्ड, इंडिया स्टार बुक और लिम्का बुक में हुआ नाम दर्ज, औषधीय पौधों के जनजागरूकता के लिए वैद्य संघ का सराहनीय कार्य

रायपुर. परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य संघ छत्तीसगढ़ बिलासपुर ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संघ का नाम इंडिया स्टार बुक ऑफ वर्ल्ड एवं लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। संघ को यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ राज्य में औषधीय पौधों के प्रति जनजागरूकता के लिए प्राप्त हुई है।

 



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा होम हर्बल गार्डन योजना चलाई जा रही है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य संघ छत्तीसगढ़ बिलासपुर द्वारा 15 अगस्त से 15 सितम्बर 2021 तक जनजागरूकता अभियान चलाया गया।

इस दौरान 11 लाख 85 हजार 890 औषधीय पौधों के संबंध में दस वनमंडल के घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया गया। इसमें वनमंडल बिलासपुर, मरवाही, कटघोरा, मुंगेली, कोरबा, दुर्ग, कवर्धा, खैरागढ़, राजनांदगांव, बेमेतरा में परंपरागत वैद्यों के माध्यम से सतावर, ब्राम्ही, तुलसी, कालमेघ, गिलोय, मंडूपपर्णी, सहिजन, अश्वगंधा, बच, पत्थरचट्टा, अडूसा, निर्गुंडी, स्टीविया, गुड़मार, हडजोड़ आदि औषधीय पौधों को तैयार कर इसके महत्व और उपयोग की जानकारी दी गई।

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परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य संघ छत्तीसगढ़ द्वारा कुल 11 लाख 85 हजार 890 औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैद्य संघ छत्तीसगढ़ ने कीर्तिमान स्थापित किया है। वैद्य संघ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय सचिव निर्मल कुमार अवस्थी ने बताया कि यह वर्ल्ड रिकॉर्ड हेतु छह माह की कड़ी मेहनत पारंपरिक वैद्यों द्वारा की गई। रिकॉर्ड बनाने के लिए  टीम ने सतत् अपनी रिपोर्ट इंडिया स्टार ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उन्हें अपने कार्यों का निरीक्षण सम्पन्न कराया। यह सम्मान समारोह आज छत्तीसगढ़ भवन बिलासपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड रायपुर के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के करकमलों द्वारा वैद्य संघ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों को प्रदान किया गया।

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इस अवसर पर वनवृत्त बिलासपुर के मुख्य वन संरक्षक नावेद शियाजूद्दीन एवं बिलासपुर के वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत के अलावा परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य संघ के अध्यक्ष वैद्य भगवन्ता प्रसाद निषाद, उपाध्यक्ष वैद्य शुक्ला प्रसाद धुर्वे परियोजना प्रभारी वैद्य अवधेश कुमार कश्यप नर्सरी प्रभारी वैद्य संतोष यादव एवं गुन्जन यादव तथा बड़ी संख्या में परंपरागत वनौषधि वैद्य संघ छत्तीसगढ़ के सदस्य उपस्थित थे। बिलासपुर जिले में औषधीय पौधों के वितरण कार्य में इस वर्ष ईको क्लब बिलासपुर के छात्र छात्राओं के अलावा सर्वश्री डॉ. पानू हलदर, उत्तम तंबोली, निश्चय अवस्थी, विजय खैरवार एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

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