मेरठ के प्रशांत की साइबरवाल के आगे पस्त होगा हैकर का हर दांव, जानिए… कैसे मिला यह आइडिया…

मेरठ. मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटाप में हैकरों की ओर से आने वाले लिंक वायरस से सुरक्षा के लिए मेरठ के इंजीनियरिंग के छात्र प्रशांत वर्मा ने साइबरवाल नाम से एक फायरवाल तैयार की है। जिसका सुरक्षा चक्र ऐसा है कि कोई भी डाटा चोरी करने वाला लिंक, मैसेज मोबाइल या संबंधित डिवाइस से रिसीव ही नहीं होगा। इस साइबरवाल से जहां डाटा की सुरक्षा होगी, वहीं, बैंक के खाते पर होने वाले साइबर अटैक को भी रोका जा सकता है। जल्द ही इसका पेटेंट होने वाला है। इसके बाद यह उपयोग के लिए आ आएगा।



इस तरह बनाई डिवाइस
प्रशांत वर्मा अभी बीटेक कंप्यूटर साइंस द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। एमआइईटी में पढ़ते हुए उन्होंने यह फायरवाल बनाया है, जो मोबाइल में एप के माध्यम से, कंप्यूटर और लैपटाप में साफ्टवेयर के माध्यम से और सर्वर में प्लगिन के माध्यम से इस्तेमाल किया जा सकता है। मोबाइल और अन्य डिवाइस में यह फायरवाल दो तरह से सुरक्षा देता है। पहली सुरक्षा जब भी आप किसी को पैसे भेजते हैं तो यह दोनों तरफ से उसकी अनुमति मांगेगा। अनुमति देने के बाद ही पैसा ट्रांसफर होगा। इससे ग्राहक अपने खाते में जब पैसा चाहेंगे तभी आएगा। प्रशांत के मुताबिक फायरवाल पैसे के लेनदेन में जहां सत्यापन करेगा। वहीं, अगर कोई हैकर लिंक मैसेज भेजकर स्मार्टफोन या लैपटाप को हैंक करना चाहेगा तो वह लिंक मैसेज वायरस फायरवाल से टकराकर ही वापस हो जाएगा।

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ऐसे सुझा डिवाइस का आइडिया
इससे जहां डाटा की सुरक्षा होगी, वहीं किसी अंजान लिंक के आने या उस पर क्लिक करने का डर भी नहीं रहेगा। 11 वीं में पढ़ते ही सोची ऐसी सुरक्षा प्रशांत के मुताबिक जब वह 11वीं में पढ़ रहे थे। उस समय पाकिस्तान और बांग्लादेश के साइबर हैकर ने आर्मी की वेबसाइट से डाटा चुराया था। तभी से डाटा और डिवाइस की सुरक्षा के लिए सोचना शुरू किया। जो अब सफल हुआ है। प्रशांत ने अभी कुछ दिन पहले नागपुर पुलिस और साइबर सेल की साइबर अटैक के कुछ मामलों में मदद की थी।

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कंपनी बनाकर स्टार्टअप शुरू
प्रशांत के पिता अजय वर्मा की ज्वेलरी बाक्स की दुकान है, जो अपने बेटे की हर तरह से मदद कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ प्रशांत ने एक साइबर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भी बनाई है, जिसमें सात युवाओं को रोजगार भी दिया है। प्रशांत उनके साथ मिलकर पुलिस के लिए एक डिवाइस भी तैयार कर रहे हैं। प्रशांत को उनके इनोवेशन के लिए युवा स्टार्टअप का खिताब भी मिला है। एमआइइटी इनक्यूबेशन सेंटर में रेहान और अमित आहूजा के सहयोग से वह अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ा रहे हैं।

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