KBC में करोड़पति बनकर जिंदगी हुई बदहाल, पत्नी से होने जा रहा था तलाक…

2011 में  5 करोड़ जीतने वाले बने सुशील कुमार एक बार फिर चर्चा में आ गए थे.

 



उन्होंने पोस्ट की शुरुआत में लिखा- ‘केबीसी जीतने के बाद का मेरे जीवन का सबसे बुरा समय. आगे उन्होंने लिखा-  2015-2016 मेरे जीवन का सबसे चुनौती पूर्ण समय था. लोकल सेलेब्रिटी होने के कारण महीने में दस से पंद्रह दिन बिहार में कहीं न कहीं कार्यक्रम लगा ही रहता था, इसलिए पढ़ाई लिखाई धीरे-धीरे दूर जाती रही.’

‘उसके साथ उस समय मीडिया को लेकर मैं बहुत ज्यादा सीरियस रहा करता था और मीडिया भी कुछ कुछ दिन पर पूछ देती थी कि आप क्या कर रहे हैं. इसको लेकर मैं बिना अनुभव के कभी ये बिज़नेस कभी वो करता था, ताकि मैं मीडिया में बता सकूं कि मैं बेकार नही हूं, जिसका परिणाम ये होता था कि वो बिज़नेस कुछ दिन बाद डूब जाता था.’

सुशील ने लिखा- ‘इसके साथ केबीसी के बाद मैं दानवीर बन गया था और गुप्त दान का चस्का लग गया था महीने में लगभग 50 हज़ार से ज्यादा ऐसे ही कार्यों में चला जाता था. इस कारण कुछ चालू टाइप के लोग भी जुड़ गए थे और हम गाहे-बगाहे खूब ठगा भी जाते थे, जो दान करने के बहुत दिन बाद पता चलता था.’

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पर्सनल लाइफ के बारे में बात करते हुए उन्होंने लिखा- ‘पत्नी के साथ भी सम्बन्ध धीरे-धीरे खराब होते जा रहे थे. वो अक्सर कहा करती थी कि आपको सही गलत लोगों की पहचान नहीं है. भविष्य की कोई चिंता नहीं है, ये सब बात सुनकर हमको लगता था कि हमको नहीं समझ पा रही है, इस बात पर खूब झगड़ा  हो जाया करता था.’ सुशील ने बताया कि एक समय ऐसा भी आया था कि बात तलाक लेने तक पहुंच गई थी. हालांकि, फिर चीजें धीरे-धीरे ठीक हुईं. इसके साथ कुछ अच्छी चीजें भी हो रही थी. दिल्ली में मैंने कुछ कार ले कर अपने एक मित्र के साथ चलवाने लगा था जिसके कारण मुझे लगभग हर महीने कुछ दिनों दिल्ली आना पड़ता था.

आगे उन्होंने लिखा- ‘अब इन सब चीजों के साथ एक लत भी साथ जुड़ गई, शराब और सिगरेट. जब भी घर पर रहते थे तो रोज एक सिनेमा देखते थे. हमारे यहां सिनेमा डाउनलोड की दुकान होती है जो पांच से दस रुपये में हॉलीवुड का कोई भी सिनेमा हिंदी में उपलब्ध करा देती है.

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इसी के साथ सुशील ने एक किस्सा भी शेयर किया. उन्होंने लिखा- एक बार अंग्रेजी अखबार के पत्रकार महोदय का फोन आया. कुछ देर तक मैंने ठीक-ठाक बात की. बाद में उन्होंने कुछ ऐसा पूछा जिससे मुझे चिढ़ हो गई और मैने कह दिया कि मेरे सभी पैसे खत्म हो गए. दो गाय पाले हुए हैं. उसी का दूध बेंचकर गुजारा करते हैं, उसके बाद जो उस न्यूज़ का जो असर हुआ उससे आप सभी तो वाकिफ होंगे ही. उस खबर ने अपना असर दिखाया, जितने चालू टाइप के लोग थे वे अब कन्नी काटने लगे. मुझे लोगों ने अब कार्यक्रमों में बुलाना बंद कर दिया. तब मुझे समय मिला कि अब मुझे क्या करना चाहिए.

आखिर में सुशील ने लिखा- मैं अब पर्यावरण से संबंधित बहुत सारे काम करता हूं, जिसके कारण मुझे एक अजीब तरह की शांति का एहसास होता है. साथ ही अंतिम बार मैंने शराब मार्च 2016 में पी थी. उसके बाद पिछले साल सिगरेट भी खुद ब खुद छूट गई. अब तो जीवन मे हमेशा एक नया उत्साह महसूस होता है और बस ईश्वर से प्रार्थना है कि जीवन भर मुझे ऐसे ही पर्यावरण की सेवा करने का मौका मिलता रहे, इसी में मुझे जीवन का सच्चा आनंद मिलता है.

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