छत्तीसगढ़ में दवा की सप्लाई चेन टूटने से हुई दर्जनभर कमांडरों समेत 40 नक्सलियों की मौत

छत्तीसगढ़ में पुलिस नए साल में नक्सलियों का शहरी नेटवर्क तोड़ने व सप्लाई चेन रोकने और सख्ती की तैयारी में है। नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे आपरेशन के दौरान कांकेर में सड़क ठेकेदार के प्लांट में मिले दस्तावेजों के आधार पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगने के बाद नए सिरे से रणनीति बनाई गई है। पूर्व में बरती गई चौकसी का असर यह रहा कि नक्सलियों तक दवा और रसद नहीं पहुंच पाई। इससे उनके बीच खलबली मची हुई है।

 



डीजीपी अशोक जुनेजा ने दावा किया है कि दवा की सप्लाई चेन टूटने से करीब 40 नक्सलियों की इलाज के अभाव में मौत हुई है। इनमें दर्जनभर तो कमांडर स्तर के हैं। नई रणनीति उनके लिए और मुसीबत खड़ी करेगी। डीजीपी जुनेजा के मुताबिक, घने जंगलों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सभी छह डिवीजनों में बड़े नक्सली नेताओं समेत दर्जनों नक्सली कोरोना की चपेट में आए थे। इसकी पुष्टि नक्सलियों के उस पत्र से भी होती है, जो आपरेशन के दौरान मिला है।

इसे भी पढ़े -  Janjgir Big News : NH-49 पर सड़क पर खड़े ट्रक से बाइक सवार टकराया, मौके पर बाइक सवार की मौत...

नई रणनीति उनके लिए और मुसीबत बनेगी

सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में सक्रिय नक्सलियों पर आंध्र प्रदेश से आए कोरोना वैरिएंट का असर हुआ है। टेकलगुड़ा मुठभेड़ की साजिश रचने वाली सेंट्रल कमेटी की सदस्य 25 लाख की इनामी सुजाता की मौत कोरोना से ही हुई। डीजीपी ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के बीच मई 2021 में बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के पालनार इलाके में नक्सली कैंप में गोंडी भाषा में एक पत्र मिला था। इसमें दवा के अभाव में कोरोना से सात नक्सलियों की मौत होने की जानकारी सामने आई थी। पत्र में यह भी लिखा था कि डिवीजनल कमेटी (डीवीसी) स्तर के नक्सली कमांडर नीचे के कैडर को कोरोना की सही जानकारी नहीं दे रहे हैं।

जड़ी-बूटी करना पड़ रहा इलाज

इसे भी पढ़े -  Janjgir-Kharod Big News : नगर पंचायत खरौद के उपाध्यक्ष पर जानलेवा हमला का मामला, 3 आरोपी गिरफ्तार...

जुनेजा ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर बताया कि कई जगह दवा नहीं मिलने से नक्सलियों को जड़ी-बूटी से इलाज कराना पड़ रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया है कि कई बीमार सदस्य घर जाने का बहाना बनाकर कैडर छोड़कर भाग गए। दक्षिण बस्तर, दरभा व पश्चिम बस्तर डिवीजन के कई साथी अभी भी बीमारी से लड़ रहे हैं। मंगू दादा के पैर में तकलीफ थी, जिसका जड़ी-बूटी से इलाज किया गया। दक्षिण बस्तर के रूपी, दरभा डिवीजन के सीएनएम कमांडर हुंगा, बटालियन के देवे, गंगा, सुदरू, मुन्नी व रीना की मौत हो गई है। डीवीसी राजेश दादा, सुरेश व मनोज की हालत गंभीर थी।

आत्मसमर्पण करने पर दवा और पुनर्वास का इंतजाम

डीजीपी अशोक जुनेजा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने पर नक्सलियों के लिए न सिर्फ दवा का इंतजाम किया जा रहा है, बल्कि राज्य सरकार उनका बेहतर पुनर्वास भी कर रही है। इसमें रोजगार के अवसर, आवास और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। पुलिस की कोशिश है कि भटके हुए ज्यादा से ज्यादा लोग मुख्यधारा में आएं और हिंसा का रास्ता छोड़ें।

इसे भी पढ़े -  Janjgir Big News : NH-49 पर सड़क पर खड़े ट्रक से बाइक सवार टकराया, मौके पर बाइक सवार की मौत...

Related posts:

error: Content is protected !!