टैटू वाली एंकर : दुनिया की पहली महिला एंकर, जिसके चेहरे पर है टैटू, इसके पीछे है एक दिलचस्प कहानी… जानिए… गजब का किस्सा…

आज लोगों में टैटू के प्रति काफी क्रेज है। लेकिन यह आज से ही नहीं है। पहले भी कई जनजातियां, कई देशों में आदिवासी समाज के लोग टैटू बनवाते थे और एक तरह से यह उनके अपने जज्बात बॉडी पर उकेरने का तरीका था। आज हम आपको ऐसी महिला एंकर से मिलवाने जा रहे हैं। जिन्होंने अपने मुंह पर टैटू गुदवाया हुआ है। गौरतलब यह बात है कि वो दुनिया की ऐसी पहली महिला एंकर हैं जिनके चेहरे पर टैटू है।

 



इतिहास रच दिया है उन्होंने

वो पहली ऐसी महिला एंकर हैं जिसके चेहरे पर Māori face tattoo है। उनका नाम ओरिनी कैपारा (Oriini Kaipara) है। वो बतौर एंकर Newshub नाम के चैनल में काम करती हैं। आमतौर पर ऐसा होता नहीं कि टैटू वाला कोई एंकर किसी चैनल में काम करता हो। लेकिन ओरिनी ने यह काम करके एक मिसाल पेश कर दी है। उनका यह टैटू और उनका स्वैग लोगों को सोशल मीडिया पर काफी पसंद आया।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : लोकतंत्र में आरोप नहीं, ठोस प्रमाण मायने रखते हैं : लोकेश साहू

और करने पहुंची अपना शो

27 दिसंबर को ओरिनी ने न्‍यूज हब चैनल पर शाम 6 बजे का शो होस्‍ट किया। हुआ ये कि इस दिन रेगुलर होस्‍ट सैम हायस और माइक मैक रॉबटर्स मौजूद नहीं थे। दरअसल, सैम हायस इन दिनों मैटरनिटी लीव पर हैं। इस कारण यह शो ओरिनी को होस्ट करना पड़ा, लेकिन लोगों ने बहुत ही पॉजिटिव प्रतिक्रिया दी और चैनल की इस पहल की सराहना की।

क्या है टैटू के पीछे की कहानी

खबरों के मुताबिक, ओरिनी ने साल 2017 में या टैटू करवाया था। इसके पीछे एक कहानी है। उन्होंने 2017 में अपना डीएनए टेस्‍ट करवाया था। इसमें सामने आया कि वह 100 फीसदी माओरी (Māori) हैं। इसके बाद उन्होंने वो टैटू करवाने की सोची जो उस समाज की महिलाएं करवाया करती थीं। यह एक परंपरागत टैटू है। जिसे माओरी जनजात‍ि से जुड़ी महिलाएं करवाती थीं।

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : बनाहिल में स्थित श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय की होनहार छात्रा ममता बंजारे का शानदार प्रदर्शन, विश्वविद्यालय स्तर के लिए दूसरी बार चयनित

पहले भी आई हैं नजर

ओरिनी ने इससे पहले भी साल 2019 में भी मेन स्‍ट्रीम चैनल पर न्‍यूज पढ़ी थी। ओरिनी ने बताया कि वह इस पल को महसूस कर काफी खुश हैं, क्‍योंकि वह क्रिसमस पर चैनल पर नजर आईं थी। इस तरह टैटू के साथ शो करने का इतिहास भी उन्‍होंने रचा है।

मिलती है एक सीख

ओरिनी की कहानी से यह ही सीखा जा सकता है कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने वालों को मंजिल जरूर मिलती है। हार नहीं माननी साथियों, अपने दिल की करते जाओ, जीते जाओ और एक दिन आपकी सारी बाधाएं पार हो जाएंगी।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : नवरात्रि के पावन पर्व पर मां के आशीर्वाद से 102 परिवारों की सनातन धर्म में घर वापसी, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने परिवारों के चरण पखारकर किया स्वागत, जिले को धर्मांतरण मुक्त बनाने का आह्वान

Related posts:

error: Content is protected !!