इस लड़के को चाहिए थी सुपरफास्ट कार, अब खुद की ‘लैंबोर्गिनी’ बना छाया इंटरनेट पर

“लॉकडाउन के दौरान नुरुल का काम लगभग बंद हो गया, जिसके बाद उन्होने उस खाली समय में खुद की कार को डिजाइन कर तैयार करने का निर्णय लिया। नुरुल कार की मरम्मत का काम करते हैं और ये काम उन्होने अपने पिता से सीखा है, जो खुद भी कारों के मैकेनिक रहे हैं।”

 



यूं तो देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, हर रोज़ युवाओं द्वारा किए जा रहे इनोवेशन की खबरें हम सभी को आश्चर्यचकित करती रहती हैं। अब ऐसा ही कुछ काम असम के नुरुल हक़ ने किया है, जिन्हें चाहिए तो सुपरफास्ट कार थी लेकिन उनके पास उतने पैसे नहीं थे। ऐसे में नुरुल ने एक बड़ा ही इनोवेटिव आइडिया खोज निकाला और कुछ ऐसा कर डाला जिससे सोशल मीडिया पर लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे है।

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असम के करीमगंज जिले के रहने वाले 31 साल के नुरुल ने दरअसल एक सेकंड हैंड मारुति सुज़ुकी स्विफ्ट को लैंबोर्गिनी में बदल डाला है, जिसका डिजाइन हूबहू किसी लैंबोर्गिनी सुपरकार जैसा रखा गया है। इतना नहीं, कार में जरूरी बदलाव करने के बाद अब उसकी आवाज़ भी हूबहू किसी लैंबोर्गिनी जैसी ही हो गई है।

मीडिया से बात करते हुए नुरुल ने यह भी बताया है कि स्विफ्ट कार को मॉडिफाई करके उसे लैंबोर्गिनी कार की शक्ल देने के लिए नुरुल ने जिन अतिरिक्त पार्ट्स का इस्तेमाल किया है वो उन्होने कहीं से खरीदे नहीं हैं बल्कि उन्होने खुद ही बनाए हैं। नुरुल ने इस काम को दरअसल कोरोना महामारी के दौरान लागू हुए लॉकडाउन के दौरान ही करना शुरू किया था।

लॉकडाउन में तैयार की कार

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इस खास कार को 4 सीटर रखा गया है, जबकि अंदर एसी और म्यूजिक सिस्टम आदि सहूलियत का भी ध्यान रखा गया है। इस कार में भी किसी अन्य लैंबोर्गिनी सुपरकार की तरह की दरवाजा ऊपर की तरफ ही खुलता है, हालांकि ये दरवाजे उन कारों की तरह हाइड्रोलिक्स पर नहीं काम करते हैं। नुरुल ने अपनी इस कार को बनाने के लिए जरूरी जानकारी यूट्यूब के माध्यम से जुटाई थी।

लॉकडाउन के दौरान नुरुल का काम लगभग बंद हो गया, जिसके बाद उन्होने उस खाली समय में खुद की कार को डिजाइन कर तैयार करने का निर्णय लिया। नुरुल कार की मरम्मत का काम करते हैं और ये काम उन्होने अपने पिता से सीखा है, जो खुद भी कारों के मैकेनिक रहे हैं। नरुल के अनुसार उनके पिता नागालैंड के दीमापुर शहर में एक गैरेज चलाया करते थे और ये काम उन्होने लगभग 20 सालों तक किया है।

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