Laila Majnu ki Mazar : ‘लैला मजनूं की मजार’ जहां पूरी होती है प्रेमियों की मुराद, अब प्रशासन इसे बना रही पर्यटन स्थल

जयपुर: Laila Majnu ki Mazar भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ स्थित लैला मजनू की मजार स्थित है। इस मजार को अब प्रशासन ने पर्यटन स्थल के तौर पर डेवलप करने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि इस स्थान को पर्यटन मैप में लाने की सरकार की कवायद को बीएसएफ की भी मदद मिली है। बता दें कि थानीय लोक कथाओं के मुताबिक, दोनों प्रेमियों की मौत यहीं हुई थी।

 



दरअसल, लैला-मजनू की मजार अनूपगढ़ के पास भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा चौकी पर स्थित सीमा सुरक्षा बल की मजनू पोस्ट व गांव 6 एमएसआर में स्थित है। इसके अलावा खाजूवाला की एक सीमा चौकी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस संबंध में बीकानेर के संभागीय आयुक्त नीरज के पवन ने स्‍थानीय प्रशासन के अधिकारियों से इस जगह को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए निर्देश दिए हैं। टूरिज्‍म के मैप में लाने के लिए संभीय आयुक्‍त ने बीएसएफ के डीआईजी से चर्चा की है।

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल में 'हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा' अभियान के तहत निकाली गई रैली, स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर नागरिकों को तिरंगा फहराने के लिए किया प्रेरित और राष्ट्र भक्ति का दिया संदेश...

बता दें कि हर साल 14 जून को लैला मजनू की मजार पर मेला लगता है और जून के महीने में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस मेले में सैकड़ों लोग शामिल होते हैं, जिनमें अधिकतर प्रेमी जोड़े और नवविवाहितों की संख्‍या अधिक होती है। इस मेले के बेहतरीन आयोजन के लिए प्रशासन ने राज्‍य के टूरिज्‍म विभाग से भी चर्चा की है।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : टेमर गांव में 15 अगस्त को मनाया जाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, मां सरस्वती की मूर्ति का भी होगा अनावरण, मुख्य अतिथि होंगी कांग्रेस जिलाध्यक्ष रश्मि गबेल, कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच चंद्रकुमार सोनी करेंगे

संभागीय आयुक्त के पवन ने प्रेस को बताया कि लैला मजनू यहां कई किवदंतियों में प्रचलित है। उन्होंने कहा कि हम चाहते है उसको पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्‍होंने कहा कि पर्यटन विभाग जुड़ेगा तो लैला मजनू की मजार राजस्थान के टूरिज्‍म मैप पर आ जाएगी और यहां पर्यटक आने लगेंगे। उन्‍होंने कहा कि लैला-मजनू की मजार पर्यटन विभाग के नक्शे पर नजर आएंगे और इसके लिए संभाग स्तर पर प्रयास शुरू किए गए है।

error: Content is protected !!