सीधे 10 रुपये से ज्यादा बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम !, मार्च में भारी पड़ेगी सऊदी-रूस की दोस्ती…

नईदिल्ली. कच्चे तेल (Crude Oil) और प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की महंगाई से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं है। अमेरिका (USA) ने पिछले हफ्ते ही कच्चे तेल के सबसे बड़े उत्पादन सऊदी अरब (Saudi Arab) से प्रोडक्शन में बढ़ोतरी को कहा था। लेकिन उसने ऐसा करने के बजाय रूस (Russia) के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता दिखाई है।



उल्लेखनीय है कि दुनिया में क्रूड के दूसरे बड़े उत्पादक रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद क्रूड का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी पार कर गया। भारत में तेल कंपनियों का घाटा भी बढ़ता जा रहा है। पेट्रोल पंप पर तेल कीमतों की बात करें, तो यहां पेट्रोल-डीजल पर कंपनियां करीब 10 रुपये अंडर रिकवरी में चल रही हैं। माना जा रहा है कि 10 मार्च को चुनाव नतीजों के बाद पेट्रोम बम फूट जाएगा।

इसे भी पढ़े -  CG News: AIIMS अस्पताल की तीसरी मंजिल से गिरा मरीज, मौके पर हुई मौत, सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस (Crown Prince) मोहम्मद बिन सलमान ने बीते दिन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के साथ बातचीत की। इसी दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की कि वह ओपेक + देशों के साथ खड़े हैं। इस बीच खबर आई है कि ओपेक + के सदस्य देश आगामी बुधवार को मिल रहे हैं। इसमें क्रूड के उत्पादन बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।

बीते 16 फरवरी को रियाद में एनर्जी सेक्टर पर हुए एक अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने सऊदी अरब से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर करने के लिए कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा था। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद को इन मसलों पर बातचीत करने के लिए बुलाया था। दोनों कॉलों के बावजूद, सऊदी अरब ने पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन प्लस समूह (ओपेक +) के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए अपने उत्पादन स्तर को बढ़ाने से इनकार किया था।

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : घायलों को अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने के लिए अकलतरा के पारस साहू हुए सम्मानित

error: Content is protected !!