CNG Car Precautions: सीएनजी किट लगी कार को चलाने में…खास सावधानी जरूरी, आवेर स्‍पीड से लग सकती है…आग भी विस्तार से जानिए…

यदि आप भी सीएनजी कार या अपनी कार में सीएनजी किट लगवाकर चला रहे हैं तो कुछ सावधानियां जरूरत बरतें, अन्‍यथा यह बहुत भारी पड़ सकता है।

 



सीएनजी किट लगी कार को अधिक स्‍पीड में चलाना बेहद खतरनाक हो सकता है और इसमें आग लग सकती है। पानीपत में तीन लोगों के सीएनजी किट लगी कार में आग लगने से जिंदा जलने की घटना में खुलासे सजग करने वाले हैं।

दरअसल पेट्रोल-डीजल महंगा होने के कारण गाड़ियों में कम्प्रैस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) किट लगवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन,  बहुत कम लोगों को जानकारी होती है कि सीएनजी किट लगवाने के बाद क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए। शुक्रवार को इसराना मंडी के बाहर हुए दर्दनाक हादसे में एक कार में तीन युवक जिंदा जल गए। कार में सीएनजी किट लगी थी।

आपको बताते हैं कि ये किट लगवाते हुए क्या सावधानी बरतनी चाहिए। कितनी जरूरी है जागरूकता-

आमतौर पर सीएनजी किट लगवाने के लिए लोग कम कीमत वाली किट को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे लोग चाइनीज किट लगवाते हैं। यह खराब रेटिंग के साथ आती है। इस किट को लोग सस्ते के चक्कर में लगवा लेते है।

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लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार,  इटालियन व भारतीय सीएनजी कीट काफी बेहतर होती हैं। ये सुरक्षा के लिहाज से काफी अच्छी होती हैं। सीनएजी की गाड़ी है तो गाड़ी को ओवर स्पीड न करे। इससे अगर हादसा हुआ तो फिलिंग वाल टूटने का खतरा बना रहता है।

जानिए….क्या कहते है एक्सपर्ट

पानीपत मेंं जीटी रोड स्थित वंश मोटर्स के मालिक जसवीर भरवाल ने बताया कि यदि सावधानी से चलाएं तो सीएनजी किट से गाड़ी चालक को कोई खतरा नहीं होता। अगर गाड़ी को ओवर स्पीड में चलाएंगे तो फिलिंग वाल टूटने का डर रहता है। इसके बाद गैस का रिसाव शुरू हो जाता है।

उन्‍होंने बताया कि सीएनजी किट में दो महत्वपूर्ण चीजे हैं। सिलेंडर वाल व फिलिंग वाल। सिलेंडर वाल गाड़ी के पीछे होता है। फिलिंग वाल गाड़ी के आगे बोनट पर होता है। यहां बैट्री भी रखी होती है और पास में ही इंजन होता है। अगर गाड़ी हादसे का शिकार होती है तो किसी भी सीएनजी का पाइप मुड़ जाता है।

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भरवाल ने बताया कि अगर वाल टूटा तो गैस का रिसाव होगा। ऐसे में अगर कहीं से भी शार्ट सर्किट हुआ तो आग को सीएनजी पकड़ लेगी। इसके बाद गाड़ी में आग लग सकती है, इसीलिए गाड़ी को कभी ओवर स्पीड न करे। कार में सिलेंडर 12 से 14 किलोग्राम का होता है और बसों में 16 से 18 किलोग्राम का होता है।

हर तीन माह में गाड़ी में लगी किट के सिलेंडर वाल व फिलिंग वाल को जरूर चेक करवाएं। छह माह पूरे होने पर पूरी किट की जांच करवाएं।

अब लोग पूछने आ रहे

सीएनजी किट बेचने वाले जसवीर ने बताया कि शुक्रवार को हुए हादसे में यह हो सकता है कि गाड़ी ओवर स्पीड हो और जिसके बाद फिलिंग वाल टूट गई होगी। इसके बाद शार्ट सर्किट होने के कारण सीएनजी ने आग पकड़ ली होगी, जिससे गाड़ी में आग लग गई। इस घटना के बाद लोग किट के बारे में पूछने आ रहे हैं। जांच करा रहे हैं। सीएनजी काफी ठंडी होती है। आग लगने की आशंका काफी कम होती है।

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