गेहूं की रोटी खाना मुश्किल, औसत खुदरा दाम ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, आटे की कीमतों में लगी आग

नई दिल्ली: आम जनता की हालत दिन प्रतिदिन खराब होते चली जा रही हैं। पेट्रोल डीजल और खाने के तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। गर्मी का सीजन लगते ही टमाटर जैसे खाने पीने की कई चीज जनता की थाली से धीरे धीरे गायब हो रहे है। इसी बीच राजधानी दिल्ली से एक ऐसी खबर निकल कर सामने आ रही है। जिसे सुनकर मध्यम वर्ग के लोगों का बजट फिर गड़बड़ा सकता है।

 



 

 

श्रीलंका और पाकिस्तान के बाद भारत में भी गेहूं और आटे की कीमत में भारी बढोत्तरी हुई है। शहरी आबादी पर इस महंगाई का अच्छा खासा असर पड़ने वाला है। आटे के दाम में तेजी की वजह से ब्रेड की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई है।

इसे भी पढ़े -  ग्रेट प्लेस टू वर्क द्वारा वेदांता को भारत के शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों में स्थान, वेदांता के कार्यबल में 23 प्रतिशत महिलाएं, लगभग 100 ट्रांसजेंडर कर्मचारी और पिछले 5 वर्षों में ESOP के माध्यम से कर्मचारियों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की संपत्ति (वेल्थ) का सृजन

 

 

देश में गेहूं का औसत खुदरा दाम 32.3 रुपए है, जो पिछले 12 साल के दौरान सबसे उच्चतम स्तर पर है। सरकारी आंकड़ो के मुताबिक पिछले साल इसका औसत खुदरा मूल्य 29.1 रुपये प्रति किलोग्राम था। मुम्बई में गेहूं के आटे का खुदरा कीमत 49, चेन्नई में 34 , कोलकाता में 29, दिल्ली में 27 रुपये प्रति किलोग्राम है। पूरे देश में इस वक्त गेंहू कीमतें 2,400 रुपये प्रति क्विंटल के करीब है, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से ज्यादा है।

इसे भी पढ़े -  वेदांता ने एक दशक में सरकारी खजाने में करीब 5 लाख करोड़ का दिया योगदान, वेदांता ग्रुप देश के खजाने में योगदान देने वाले भारत के टॉप 3 प्राइवेट सेक्टरों में से है एक
error: Content is protected !!