Janjgir : छग बसपा के प्रदेश प्रभारी का बयान, ‘2023 के विधानसभा चुनाव में बसपा अकेली चुनाव लड़ेगी, किसी पार्टी से एलायंस नहीं होगा’, ’50 फीसदी युवाओं को टिकट दी जाएगी, संगठन में भी 50 फीसदी युवाओं को मौका मिलेगा’, …और क्या कुछ कहा… पढ़िए पूरी खबर…

जांजगीर-चाम्पा. जांजगीर के सर्किट हाउस में बसपा के प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने प्रेस कांफ्रेंस की और बड़ा बयान दिया है कि छग में 2023 के विधानसभा चुनाव में बसपा अकेली चुनाव लड़ेगी, किसी पार्टी से एलायंस नहीं होगा. साथ ही, 50 फीसदी युवाओं को टिकट दी जाएगी और संगठन में भी 50 फीसदी युवाओं को मौका मिलेगा.



हसदेव अरण्य को लेकर भी कहा कि इस परियोजना के विरोध में बसपा आंदोलन करेगी. 20 मई को रायपुर में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा, वहीं 23 मई को जिला मुख्यालयों में ज्ञापन दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस परियोजना से छग को बड़ा नुकसान होगा, कोयला निकलेगा, पेड़ कटेगा और पानी के लिए मुसीबत बढ़ेगी. किसी भी सूरत में इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा और इसके लिए बसपा लामबंद है.

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa Big News : धान खरीदी में बड़ा घपला, 1 करोड़ 29 लाख के धान का गबन, 7 कर्मचारी-हमाल पर हुई FIR, 4739 क्विंटल धान का गबन, एफआईआर के बाद हड़कम्प...

उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य का हसदेव अभ्यारण 170 हजार एकड़ में फैला हुआ है, जहां विभिन्न प्रकार के जानवर, पक्षी, जल, जंगल, जमीन विद्यमान है. प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ 10 हजार आदिवासी परिवार निवास करते हैं. उक्त स्थान को कोयला खनन हेतु आवंटन के लिए देने से इनके अस्तित्व पर खतरा होगा. यह किसी भी हालत में बहुजन समाज पार्टी होने नहीं देगी. उन्होंने कहा कि उक्त स्थान पर बड़ी संख्या में हाथी शेरज़ भालू, हिरण एवं विभिन्न प्रकार के जानवर रहते हैं, जहां वन संपदा भरी पड़ी है.

इसे भी पढ़े -  Kharod News : खरौद में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की स्मृति में हुआ 'छत्तीसगढ़ी कबि सम्मेलन', छत्तीसगढ़िया अंदाज में कवियों ने कराया काव्य रसपान, आयोजन का रहा यह तीसरा वर्ष...

ऐसे स्थान को कोयला उत्खनन के लिए आवंटित करना गलत है, क्योंकि इस स्थान में कोयला खनन होने से जल, जंगल, जमीन एवं जानवरों के अस्तित्व के साथ-साथ 10 हजार आदिवासी परिवारों के अस्तित्व पर संकट छा सकता है. इतना ही नहीं, बल्कि पास में स्थित बांगो बांध है, जिससे ना केवल कोरबा जिले में उद्योग संचालित होते हैं, बल्कि जांजगीर-चांपा जिले की जीवनदायिनी नदी है, जिससे जिले के किसान कृषि कर अपनी आजीविका चलाते हैं. इससे बांगो बांध के अस्तित्व पर भी संकट गहरा सकता है.

इसे भी पढ़े -  Kisaan School : किसान स्कूल में सम्पन्न हुआ गायत्री यज्ञ, वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की मनी पांचवीं पुण्यतिथि

error: Content is protected !!