खराब मौसम के कारण केदारनाथ यात्रा स्थगित, अब तक 60 श्रद्धालुओं की हो चुकी है मौत.. पढ़िए पूरी खबर..

देहरादून: Kedarnath Yatra postponed केदारनाथ यात्रा सोमवार को भारी बारिश के बीच स्थगित कर दी गयी और तीर्थयात्रियों को गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ तक विभिन्न जगहों पर रोक दिया गया। वर्ष 2013 की केदारनाथ त्रासदी से सबक लेते हुए रूद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने सतर्कता बरती और तीर्थयात्रियों से अपने-अपने पड़ावों पर ही ठहरने की अपील की।

 



 

 

रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिन यात्रियों ने सोमवार सुबह तक केदारनाथ के दर्शन कर लिए थे, उन्हें नीचे आने से रोका गया। इसी प्रकार आधार शिविर गौरीकुंड से भी लोगों को ऊपर नहीं जाने दिया गया। खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन सभी प्रकार की सतर्कता बरत रहा है, जिससे कोई अप्रिय स्थिति न पैदा हो। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पूरे पैदल मार्ग में सुरक्षा बलों को मुस्तैद कर दिया गया है। खराब मौसम के कारण केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी प्रभावित हुई।

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल की बेटियों ने बढ़ाया गौरव, NSS में रचा इतिहास, बनाहिल की दो छात्राओं का राष्ट्रीय मंच तक सफर

 

अब तक 60 श्रद्धालुओं की हो चुकी है मौत
उत्तराखंड की सबसे कठिन चार धाम यात्रा के दौरान अब तक 60 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। चार धाम यात्रा पर डीजी स्वास्थ्य डॉ शैलजा भट्ट ने बताया है कि जिन 60 लोगों की मौत हुई है, उनमें 66 फीसदी की मौत का कारण शुगर और ब्लड प्रेशर है। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वस्थ नहीं हैं, उनको प्रशासन यात्रा न करने की सलाह दे रहा है। अब तक हमने 144 लोगों को यात्रा न करने की सलाह दी है और 1690 लोगों की अंडरटेकिंग ली है।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : 15 वर्षों बाद 5 गांवों की बिजली समस्या का होगा समाधान, भाजयुमो जिलाध्यक्ष आलोक पटेल की पहल रंग लाई, भूमिपूजन किया, कहा, 'क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास करना ही है उनकी प्राथमिकता'

 

60 लोगों की मृत्यु हुई है जिनमें से 66% मृत्यु का कारण मधुमेह और उच्च रक्तचाप है। जो लोग स्वस्थ नहीं हैं उनको यात्रा न करने की सलाह दे रहे हैं। हमने 144 लोगों को यात्रा न करने की सलाह दी है और 1690 लोगों की अंडरटेकिंग ली है:

इसे भी पढ़े -  Janjgir News : भारी बारिश की आशंका को देखते हुए किसान धान की कटाई टालें, कटी फसल को तिरपाल से ढककर रखें : इंजी. रवि पाण्डेय

Related posts:

error: Content is protected !!