40 की उम्र में इस भारतीय का धमाल, बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को दिलाया 22वां GOLD… जानिए इनके बारे में… 

नई दिल्ली. भारत के अनुभवी टेबल टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत शरत कमल ने बर्मिघम कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत लिया है. शरत ने पुरुषों की एकल स्पर्धा के फाइनल में इंग्लैंड के लियाम पिचफोर्ड  को शिकस्त दी.



अचंत शरत कमल ने फाइनल में लियाम पिचफोर्ड को 4-1 से पराजित किया. पहला गेम हारने के बाद भारतीय खिलाड़ी ने जबरदस्त वापसी की. शरत कमल ने 29 वर्षीय पिचफोर्ड को 11-13, 11-7, 11-2, 11-6, 11-8 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

शरत ने उम्र को धता बताते हुए गोल्ड पर किया कब्जा

शरत कमल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 2006 में डेब्यू किया था. तब से लेकर अब तक उन्होंने इस गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है. इस स्पर्धा का कांस्य पदक भारत के ही जी साथियान ने जीता.

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शानदार लय में चल रहे 40 साल के शरत ने उम्र को धता बताते हुए रैंकिंग में अपने से बेहतर खिलाड़ी के खिलाफ पहला गेम गंवाने के बाद वापसी करते हुए जीत दर्ज की. शरत की विश्व रैंकिंग 39वीं है जबकि पिचफोर्ड 20वें स्थान पर काबिज हैं.

कॉमनवेल्थ गेम्स में शरत कमल ओवरऑल यह 13वां मेडल है

शरत का इन खेलों में यह कुल 13वां पदक है. उन्होंने बर्मिंघम खेलों में चार पदक जीते. वह 2006 में मेलबर्न खेलों में फाइनल में पहुंचे थे और स्वर्ण पदक जीता था. इससे पहले साथियान ने इंग्लैंड के ही पॉल ड्रिंकहाल को हराकर पुरुष एकल स्पर्धा का कांस्य पदक जीता.

एकल रैंकिंग में 35वें स्थान पर काबिज साथियान ने शुरुआती तीन गेम जीतकर शानदार शुरुआत की लेकिन रैंकिंग में 74वें स्थान वाले खिलाड़ी ड्रिकहॉल ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 3-3 से बराबर कर लिया। निर्णायक सातवां गेम भी बेहद करीबी रहा.

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साथियान ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में दूसरा मेडल जीता

साथियान ने दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गये इस रोमांचक मुकाबले को 11-9, 11-3, 11-5, 8-11, 9-11, 10-12, 11-9 से अपने नाम किया. पिछले दो कॉमनवेल्थ गेम्स में साथियान का यह छठा पदक है.

मौजूदा खेलों में यह उनका दूसरा पदक है. उन्होंने शरत कमल के साथ पुरुष युगल का रजत पदक जीता था. शरत और साथियान ने इसके साथ ही पुरुष युगल के फाइनल में पिचफोर्ड और ड्रिंकहॉल से मिली हार का भी बदला ले लिया.

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