SBI में बच्‍चे का भी खुलवा सकते हैं सेविंग अकाउंट, कैसे खुलवाएं खाता और क्‍या हैं इसके फायदे? पढ़िए पूरी जानकारी

नई दिल्‍ली: देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्‍टेट बैंक (SBI) में आप अपने बच्‍चों का भी सेविंग बैंक खाता खुलवा सकते हैं. किसी भी उम्र के बच्‍चे का अकाउंट अभिभावक या गार्जियन खुलवा सकते हैं. एसबीआई नाबालिग बच्चों के लिए दो प्रकार के अकाउंट खोलने की सुविधा दे रहा है. एक अकाउंट को पहला कदम (SBI Pehla Kadam) और दूसरे को पहली उड़ान (SBI Pehli Udaan) नाम दिया गया है.

 



 

 

 

एक रिपोर्ट के अनुसार, पहला कदम और पहली उड़ान नाम से सेविंग अकाउंट आप घर बैठे ऑनलाइन खोल सकते हैं. इन दोनों ही बैंक अकाउंट्स की खास बात यह है कि इनमें नेट बैंकिंग सहित लगभग भी बैंकिंग सुविधाएं प्रदान की जाती हैं. निकासी की लिमिट होने की वजह से फिजूलखर्ची का डर भी नहीं है. इन खातों में मिनिमम बैलेंस रखने की बाध्‍यता भी नहीं होती.

इसे भी पढ़े -  JanjgirNews : मन की बात की 134वीं कड़ी प्रेरणादायी, जन-जागरणकारी एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त करने वाला कार्यक्रम : इंजी. रवि पाण्डेय

 

 

पहला कदम बैंक अकाउंट
यह खाता किसी भी उम्र के बच्‍चे का खोला जा सकता है. नाबालिग बच्चों के साथ माता पिता या गार्जियन ज्‍वॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं. अकेले बच्‍चे के नाम से यह खाता नहीं खोला जा सकता. इसे अभिभावक या बच्‍चा खुद सिंगल रूप से ऑपरेट कर सकता है. खाताधारक को एटीएम डेबिट कार्ड सुविधा मिलती है. कार्ड से 5,000 रुपये तक की निकासी की जा सकती है. मोबाइल बैंकिंग की सुविधा भी इसमें मिलती है.

 

 

 

 

मोबाइल बैंकिंग का प्रयोग कर बिल पेमेंट भी किया जा सकता है लेकिन इस पर ट्रांजैक्‍शन लिमिट है और रोजाना बस मोबाइल बैंकिंग से 2,000 रुपये तक ही खर्च किए जा सकते हैं. इंटरनेट बैंकिंग सुविधा में रोजाना 5,000 रुपये तक ट्रांजैक्शन करने की लिमिट है. अभिभावक के अधीन नाबालिग के नाम पर अभिभावक को विशेष रूप से डिज़ाइन की गई 10 पेज की चेकबुक भी जारी की जाती है.

इसे भी पढ़े -  Champa News : कोसमंदा गांव में सफाई अभियान चलाया गया, सरपंच, पंच, मितानिन, आंगनबाड़ी सहायिका, सफाई कर्मचारी सहित अन्य लोग हुए शामिल

 

 

SBI पहली उड़ान अकाउंट
ये खाता उन बच्‍चों का खुलवाया जा सकता है जिनकी उम्र 10 साल से ज्‍यादा है और वे अच्‍छी तरह से हस्‍ताक्षर कर सकते हैं. यह एकाउंट नाबालिग के नाम से ही खोला जाता है और वह अकेले ही इसका संचालन कर सकता है. इसमें भी ATM डेबिट कार्ड सुविधा मिलती है और रोजाना 5000 रुपये तक पैसे निकाले जा सकते हैं. मोबाइल बैंकिंग का प्रयोग कर पहली उड़ान खाताधारक रोजाना 2000 रुपये खर्च कर सकता है. यदि नाबालिग सही हस्ताक्षर कर सकता है तो उसे विशेष रूप से डिज़ाइन की गई चेकबुक दी जाती है.

इसे भी पढ़े -  Champa News : कोसमंदा गांव में सफाई अभियान चलाया गया, सरपंच, पंच, मितानिन, आंगनबाड़ी सहायिका, सफाई कर्मचारी सहित अन्य लोग हुए शामिल
error: Content is protected !!