Ganpati Visarjan 2022: गणपति विसर्जन के समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पूजा का फल, यहां जानें… शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली..गणपति स्‍थापना के डेढ़ दिन बाद से ही शुभ मुहूर्त में गणपति विसर्जन का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस साल 10 दिन के गणेशोत्‍सव के बाद 9 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन होगा। वैसे तो गणेश स्थापना के 10 दिन बाद ही अनंत चतुर्दशी मनाया जाता है, लेकिन बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो दस दिन के अलावा डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन और आठ दिन के लिए भी गणपति रखते हैं। विसर्जन के दौरान लोग गले बरस जल्दी आने और जीवन में सुख-समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं। ऐसे में विसर्जन के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।

 



इसे भी पढ़े -  वेदांता ने एक दशक में सरकारी खजाने में करीब 5 लाख करोड़ का दिया योगदान, वेदांता ग्रुप देश के खजाने में योगदान देने वाले भारत के टॉप 3 प्राइवेट सेक्टरों में से है एक

Ganpati Visarjan 2022: गणेश विसर्जन शुभ मुहूर्त

गणपति विसर्जन का दिन : 19 स‍ितंबर
सुबह – 07:39 से 12:14
दोपहर- 01:46 से 03:18 बजे तक
शाम – 06:21 से 10:46 बजे तक
रात – 01:43 से 03:11बजे तक

Ganpati Visarjan 2022: इन बातों का रखें ध्‍यान

गणपति विसर्जन से पहले गणपति की पूजा करके एक नई चौकी पर विराजित करें, फिर गणपति की पूजा करके।

पूजन के समय चंदन, कुमकुम, अक्षत, जल, पान, सुपारी, दूर्बा, भोग आदि अर्पित करके उनकी आरती और धूप दीप करें।

पूजा के बाद गणेश जी से हाथ जोड़कर अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगें, साथ ही जीवन में सब कुछ अच्‍छा करने का आशीर्वाद मांगें।

इसे भी पढ़े -  ग्रेट प्लेस टू वर्क द्वारा वेदांता को भारत के शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों में स्थान, वेदांता के कार्यबल में 23 प्रतिशत महिलाएं, लगभग 100 ट्रांसजेंडर कर्मचारी और पिछले 5 वर्षों में ESOP के माध्यम से कर्मचारियों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की संपत्ति (वेल्थ) का सृजन

इसके बाद घर से गणेश जी की प्रतिमा ले जाते समय इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखे कि गणेश जी का मुख घर की तरफ होना चाहिए, न की बाहर की ओर।

विर्सजन से पूर्व घर में स्थापित रहे बप्पा से उस दौरान जाने-अनजाने में हुई गलतियों की क्षमा जरूर मांगे।

विसर्जन के समय जुलूस रूप में नाचते-गाते हुए गाजे-बाजे के साथ विसर्जन के लिए जाएं।

बप्पा के विसर्जन के दौरान ना तो चमड़े की कोई चीज धारण करें, ना ही काले कपड़े पहनें।

पूरे भक्ति भाव से गणपति से जल्‍दी आने की प्रार्थना करके विसर्जन करें।

विसर्जन के दौरान नशा बिल्कुल भी न करें।

error: Content is protected !!