Global NCAP : कारों को किस तरह मिलती हैं सेफ्टी रेटिंग? 5 Star पाने के लिए कौन-कौन से फीचर्स हैं जरूरी…जानिए

नई दिल्ली. दुनिया भर में बढ़ रही सड़क हादसों की संख्या को देखते हुए अब कारों को सेफ्टी रेटिंग देने के नियम अब और कड़े होते जा रहे हैं. हाल ही में कारों को सेफ्टी रेटिंग देने वाली संस्था ग्लोबल न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (Global NCAP) ने नए नियम लागू किए थे. इसमें कारों को बेहतर रेटिंग देने के लिए कुछ नए मानदंडों को शामिल किया गया है. नए नियमों के साथ 5 स्टार रेटिंग पाने वाली फॉक्सवैगन ताइगुन और स्कोडा कुशाक पहली कारों में से एक है.



Global NCAP ने जुलाई 2022 में कारों की टेस्टिंग के लिए नए नियम जारी किए थे. इसमे कुछ नए तरीकों को भी शामिल किया गया है. पहले टेस्ट में कारों को सिर्फ फ्रंट इम्पैक्ट के साथ टेस्ट किया जाता था, लेकिन अब कारों आगे, पीछे और साइड से टेस्ट करते हैं. सेफ्टी रेटिंग में कार के एक्टिव सेफ्टी फीचर्स को भी ध्यान में रखा जाता है. आइए जानते हैं जीएनसीएपी के नए नियम क्या हैं और यह कैसे काम करते हैं?

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नए क्रैश टेस्ट प्रोटोकॉल के साथ पुराना फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट वही रहता है, लेकिन चेस्ट लोड रीडिंग की बारीकी से निगरानी की जाएगी. इसके अलावा, साइड-इफेक्ट टेस्ट अब अनिवार्य है और अगर कोई कार फ्रंटल क्रैश टेस्ट में कोई अंक हासिल करने में फेल रहती है, तो जीएनसीएपी को साइड-इफ़ेक्ट रेटिंग के लिए कार की टेस्टिंग के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा. साथ ही साइड-इफेक्ट टेस्ट के लिए अब बच्चे की क्रैश टेस्ट डमी अनिवार्य है.

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इस तरह मिलेंगे नंबर

इसके अलावा एडल्ट सुरक्षा पुराने 16 पॉइंट्स के बजाय 34 पॉइंट्स पर आधारित होगी, इन्हें आगे तीन सेगमेंट में डिवाइड किया जाएगा. इसमें फ्रंट इफेक्ट के लिए 16 अंक, साइड-इफ़ेक्ट टेस्ट के लिए 16 अंक और 2 पॉइंट सीट बेल्ट रिमाइंडर के लिए हैं. कारों को दो फुल नंबर पाने के लिए सभी सीटों के लिए सीट बेल्ट रिमाइंडर होने की जरूरत है.

ये शर्तें पूरी करना जरूरी

इसके अलावा कारों को फुल रेटिंग प्राप्त करने के लिए उन्हें कुछ और शर्तों को पूरा करना होता है, जिसमें पोल साइड इम्पैक्ट, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल और पैदल चलने वाले यात्रियों की सुरक्षा भी शामिल है. किसी कार को अगर 5 स्टार रेटिंग पाना है तो उसे यह सभी शर्ते पूरी करना जरूरी होता है.

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