UPSC Success Story: तीन बार असफल होने पर भी नहीं मानी हार, चौथी बार में 17वीं रैंक लाकर बनीं IFS. पढ़िए..

स्वाति की पढ़ाई-लिखाई दिल्ली से हुई है. उनकी मां दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज की प्रिंसिपल हैं. स्वाति ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इकनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. वहीं पोस्ट ग्रेजुएशन भी उन्होंने इकोनॉमिक्स से ही किया है.

 



 

 

पढ़ाई पूरी करने के बाद स्वाति ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया. शुरुआत में उन्होंने दो बार परीक्षा दी, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाईं. तब उनकी मां ने उन्हें हौसला दिया और प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया.

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल में भव्य दीक्षारंभ समारोह संपन्न, जिसके जीवन में अनुशासन, उसके हाथ में भविष्य : कुलपति डॉ. चौहान, नए सफर की हँसी भरी शुरुआत, नवप्रवेशी छात्रों के स्वागत में सजा हास्य कवि सम्मेलन

 

 

 

स्वाति का तीसरी बार में सिलेक्शन हो गया था. इस बार उनका चयन वित्तीय लेखा सेवा में हुआ. लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं थीं और प्रयास जारी रखना चाहती थीं. इसलिए उन्होंने चौथी बार फिर से एग्ज़ाम दिया.

 

 

 

आखिरकार 2020 में चौथे प्रयास में उन्हें उनकी मनचाही पोस्ट मिल ही गई. यही नहीं, उन्होंने ऑल इंडिया लेवल पर 17वीं रैंक हासिल की और इस तरह स्वाति शर्मा आईएफएस ऑफिसर बन गईं.

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa News : समाजसेविका इंजी. मंजूषा पाटले को मिली बड़ी जिम्मेदारी, छत्तीसगढ़ नागरिक सुरक्षा वेलफेयर फाउंडेशन की बनीं प्रदेश महासचिव...समर्थकों एवं शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल...

 

 

 

स्वाति का मानना है कि यूपीएससी निकालना है तो प्रेरित होकर ही तैयारी करनी चाहिए. साथ ही इसमें असफल होने पर तैयारी छोड़ने के बारे में नहीं सोचना चाहिए, बल्कि अपनी मेहनत जारी रखनी चाहिए.

error: Content is protected !!