गर्मी के दिनों में बोरे-बासी शरीर को रखता हैं ठंडा : बालेश्वर साहू

जांजगीर-चाम्पा. एक मई मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में श्रमिकों को सम्मान देने के लिए उनके प्रिय आहार को लेकर पूरे राज्य में बोरे-बासी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी सप्ताह में सक्ती जिला के युवा कांग्रेस अध्यक्ष बालेश्वर साहू ने श्रमिकों के सम्मान में अपने निवास में बासी खाया। श्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आमजन जीवन में बोरे-बासी लोकप्रिय है। राज्य में बहुतायत रूप से धान की खेती के कारण यहां चावल से बने अनेक व्यंजन प्रचलित है। इनमें बोरे-बासी भी एक है। छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग भी इसे बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं। बोरे-बासी यहां के जीवन शैली का अहम हिस्सा हैं।



इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa Big News : विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर अमिता श्रीवास ने फतह किया, लहराया तिरंगा, ऑक्सीजन की कमी होने पर तबियत बिगड़ी तो कांठमांडू के अस्पताल में भर्ती किया गया, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, 'स्वास्थ्य बेहतरी के लिए सरकार सजग'

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की संस्कृति के साथ यहां के खान-पान को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बोरे का अर्थ है सुबह के चावल को पानी में भिगोए रखना और बासी का मतलब है रात के बचे चावल को पानी में भिगोकर रात भर रखना उसे कहते हैं बासी इसका अर्थ हो जाता है बोरे- बासी। गर्मी के दिनों में बोरे-बासी शरीर को ठंडा रखता है। पाचन शक्ति बढ़ाता है। त्वचा की कोमलता और वजन संतुलित करने में भी यह रामबाण है। बोरे-बासी में सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

इसे भी पढ़े -  Akaltara Arrest : 90 पाव देशी प्लेन शराब का परिवहन करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, अकलतरा पुलिस ने की कार्रवाई, परिवहन में प्रयुक्त बाइक जब्त

error: Content is protected !!