कैसे होती है ट्रेन के ड्राइवर की भर्ती, कितनी मिलती है सैलरी, क्या है योग्यता? यहां जानें पूरी डिटेल..

नई दिल्ली. रेलवे को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं. रेलवे में नौकरी प्राप्त करने का देश के बहुत से युवाओं का सपना होता है. हर साल रेलवे की विभिन्न भर्तियों के लिए बड़ी संख्या में युवा परीक्षा देते हैं. लेकिन कई लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती है कि ट्रेन के ड्राइवर यानी लोको पायलट की भर्ती कैसे होती है और इस पद के लिए कौन अप्लाई कर सकता है.



 

 

 

लोको पायलट की भर्ती रेलवे के बाकी पदों की तरह परीक्षा के माध्यम से ही होती है. जो कई अलग-अलग चरणों में पूरी होती है. आइए जानते हैं कि लोको पायलट बनने के लिए क्या करना होता है और इसमें भर्ती होने के बाद लोको पायलट को कितनी सैलरी मिलती है.

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कौन कर सकता है लोको पायलट के लिए अप्लाई?

रेलवे में लोको पायलट बनने के लिए आपको कम से कम दसवीं पास होना जरूरी है. इसके साथ ही आपके पास ITI की डिग्री भी होनी चाहिए. यह डिग्री किसी भी ग्रेड मैकेनिकल टेक्नीशियन या फिर इलेक्ट्रीशियन ट्रेड से हो सकती है. रेलवे में लोको पायलट की भर्ती शुरुआत में सहायक के तौर पर की जाती है. उसके बाद अनुभव के आधार पर उनका प्रमोशन किया जाता है. इसमें भर्ती होने के लिए आपकी उम्र 30 वर्ष से कम होनी जरूरी है.

 

 

 

कैसे होती है लोको पायलट की भर्ती परीक्षा?

लोको पायलट बनने के लिए सबसे पहले लिखित परीक्षा पास करनी होती है. इसमें आपको रिजनिंग, करंट अफेयर्स, सामान्य ज्ञान, सामान्य गणित जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं. अगर आप लिखित परीक्षा पास कर लेते हैं तो उसके बाद आपका मेडिकल और ट्रेनिंग शुरू कर दिया जाता है. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद पायलट को मालगाड़ी संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी जाती है. बाद में अनुभव के अनुसार उसे पैसेंजर ट्रेन चलाने की अनुमति दी जाती है.

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लोको पायलट की कितनी होती है सैलरी

आपको बता दें कि एक लोको पायलट और सहायक लोको पायलट की शुरुआती सैलरी में बहुत अंतर होता है. सहायक लोको पायलट को शुरुआत में रेलवे 30000 से 35000 रुपये सैलरी देता है. इसके बाद जैसे-जैसे उसका अनुभव बढ़ता रहता है उसी तरह उसे प्रमोशन मिलता रहता है, साथ ही सैलरी भी बढ़ती रहती है.

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