मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे ISRO चीफ एस सोमनाथ ने विज्ञान और आध्यात्म को लेकर क्या कहा? पढ़िए..

चंद्रयान-3 की सफलता का जश्न पूरा देश मना रहा है। चंद्रमा के साउथ पोल पर चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग के चार दिन बाद रविवार को इसरो (ISRO) के प्रमुख एस सोमनाथ केरल के तिरुवनंतपुरम में पूर्णमिकवु-भद्रकाली मंदिर दर्शन करने पहुंचे। चंद्रयान- 3 मिशन की कामयाबी की खुशी में वह भगवान के दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद उन्होंने बातचीत में खुद को एक खोजकर्ता बताया। इसके साथ ही उन्होंने विज्ञान और अध्यात्म के बीच तालमेल पर अपना दृष्टिकोण व्यक्त किया।



 

 

“मन की शांति के लिए मंदिर जाता हूं”

इसरो चीफ एस सोमनाथ ने कहा, “मैं एक खोजकर्ता हूं। मैं चंद्रमा का अन्वेषण करता हूं। विज्ञान और आध्यात्मिकता दोनों की खोज करना मेरे जीवन की यात्रा का एक हिस्सा है। मैं कई मंदिरों में जाता हूं और कई धर्मग्रंथ पढ़े हैं, इसलिए इस ब्रह्मांड में अपने अस्तित्व का पता लगाने के लिए खोजबीन करता रहता हूं। यह एक यात्रा है। यह हमारे कल्चर का पार्ट है। मैं विज्ञान पर भी काम करता हूं। साथ ही मन की शांति के लिए मंदिरों में भी जाता हूं।”

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“लैंडर और रोवर ठीक काम कर रहे”

 

इसरो प्रमुख ने कहा कि चंद्रयान-3 के लैंडर और रोवर दोनों ठीक स्थिति में हैं और ठीक काम कर रहे हैं। इसमें लगे सभी पांच उपकरण ऑन है। इससे हमें काफी अच्छा डाटा भी मिल रहा है। इस दौरान एस सोमनाथ ने कहा कि उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में 3 सितंबर तक हम काफी सारे प्रयोगों को पूर्ण करने की स्थिति में हो जाएंगे। इसरो चीफ ने कहा कि अलग-अलग मोड से परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद हमें चंद्रमा की सबसे अच्छी तस्वीर मिल जाएगी कि वहां की स्थिति कैसी है?

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‘शिव शक्ति’ नाम रखने पर क्या बोले इसरो चीफ?

 

चंद्रयान- 3 के टच प्वाइंट का नाम ‘शिव शक्ति’ रखने के सवाल पर इसरो चीफ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह नामकरण किया है। इसके काफी मायने हैं और यह हम सभी के लिए उपयुक्त है। सोमनाथ ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएम ने अगला नाम भी सुझाया है, जो कि तिरंगा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री होने के नाते यह नाम रखने का उनका विशेषाधिकार है।

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