मैटरनिटी लीव पर की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी, गर्भावस्था में दी परीक्षा और पहले ही प्रयास में बन गई IPS ऑफिसर..

IPS Shahnaz Illyas Success Story: सरकार के शीर्ष पदों से लेकर बड़ी-बड़ी सफल कंपनी के मालिकों तक, हर क्षेत्र में महिलाएं सफल होकर आज शानदार रोल मॉडल के रूप में काम कर रही हैं. इन्हीं रोल मॉडल में कई महिला आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) भी शामिल हैं, जिनकी सक्सेस स्टोरी के जरिए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे कई उम्मीदवार प्रेरणा लेते हैं. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर अधिकारी बने उम्मीदवारों की स्टेरी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को काफी प्रेरणा देती है, जिससे उनका परीक्षा के प्रति मोटिवेशन बना रहता है.

 



 

 

 

9 से 5 की जॉब से होने लगी नफरत

आज हम आपके सामने आईपीएस ऑफिसर शहनाज इलियास (IPS Officer Shahnaz Illyas) की प्रेरणादायक कहानी लेकर आए हैं, जिन्होंने कॉलेज खत्म करने के बाद लगभग पांच सालों तक आईटी कंपनी में काम किया. हालांकि, इस दौरान वह अपनी 9 से 5 वाली जॉब से नफरत करने लगी थीं. दरअसल, शहनाज अपना करियर उस फील्ड में बनाना चाह रही था, जहां वह काम करके समाज में बदलाव ला सके.

इसे भी पढ़े -  ग्रेट प्लेस टू वर्क द्वारा वेदांता को भारत के शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों में स्थान, वेदांता के कार्यबल में 23 प्रतिशत महिलाएं, लगभग 100 ट्रांसजेंडर कर्मचारी और पिछले 5 वर्षों में ESOP के माध्यम से कर्मचारियों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की संपत्ति (वेल्थ) का सृजन

 

 

 

मैटरनिटी लीव के दौरान की परीक्षा की तैयारी

ऐसे में जब शहनाज मैटरनिटी लीव पर थीं और अपने इस समय का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए उत्सुक थीं, तो उनकी भारत सरकार के लिए काम करने की महत्वाकांक्षा बनने लगी. उन्होंने इस उत्साह के साथ अपने दम पर ही सेल्फ स्टडी के जरिए तमिलनाडु लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.

 

 

 

गर्भावस्था के दौरान में दी परीक्षा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब शहनाज नौ महीने की गर्भवती थी, तब उन्होंने तमिलनाडु लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी. उन्होंने तैयारी के केवल दो महीने के बाद ही अपने पहले प्रयास में तमिलनाडु लोक सेवा आयोग की प्रीलिम्स परीक्षा पास कर डाली.

इसे भी पढ़े -  वेदांता ने एक दशक में सरकारी खजाने में करीब 5 लाख करोड़ का दिया योगदान, वेदांता ग्रुप देश के खजाने में योगदान देने वाले भारत के टॉप 3 प्राइवेट सेक्टरों में से है एक

 

 

 

माता-पिता ने हर कदम पर किया सपोर्ट

इस परीक्षा को पास करने के बाद शहनाज का हौसला काफी बढ़ गया और उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने की सोची. हालांकि, इस बीच शहनाज के सामने एक समस्या आ रही थी और वह यह थी कि वह परीक्षा की तैयारी करे या फिर अपने बच्चे का ध्यान रखें. ऐसे में शहनाज के परिवार ने उन्हें काफी हद तक सपोर्ट किया. उनके माता-पिता ने उनकी छोटी बेटी की देखभाल करने का कर्तव्य संभाला. वहीं, शहनाज इलियास अपने पहले प्रयास में ही यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 पास करने में सफल रहीं. उन्होंने इस परीक्षा में ऑल इंडिया 217वीं रैंक हासिल की.

 

 

 

UPSC परीक्षा पास करने के लिए दी यह खास टिप्स

इसे भी पढ़े -  वेदांता ने एक दशक में सरकारी खजाने में करीब 5 लाख करोड़ का दिया योगदान, वेदांता ग्रुप देश के खजाने में योगदान देने वाले भारत के टॉप 3 प्राइवेट सेक्टरों में से है एक

आईपीएस शहनाज इलियास के मुताबिक, जब किसी भी परीक्षा की तैयारी की बात आती है, चाहे वह यूपीएससी हो या कोई और परीक्षा, आपको आत्म-अनुशासन रखने की जरूरत होती है.

error: Content is protected !!