इजरायल ने गाजा में की बमबारी, मरने वालों की संख्या हुई 7326; हमास ने बंधकों की रिहाई के लिए रखी यह शर्त

फलस्तीन के अतिवादी संगठन हमास ने 200 से ज्यादा बंधकों की रिहाई के लिए गाजा में बमबारी रोके जाने और युद्धविराम घोषित किए जाने की शर्त रखी है, जबकि इजरायल ने कहा है कि वह गाजा में बड़े जमीनी हमले की तैयारी कर रहा है। फिलहाल यह कार्रवाई अमेरिका और अरब देशों के अनुरोध से रुकी हुई है। ये देश गाजा में बड़ी संख्या में आमजनों की मौत वास्ता देकर इजरायल से जमीनी कार्रवाई जल्द शुरू न करने के लिए कह रहे हैं।



शुक्रवार को भी गाजा पट्टी में जारी रही बमबारी
इस बीच गाजा के सीमावर्ती इलाकों में घुसकर इजरायली सेना ने बीती रात और शुक्रवार को भी कुछ घंटे की कार्रवाई की। गाजा पट्टी में शुक्रवार को भी इजरायली बमबारी जारी रही। इसके चलते वहां पर मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 7,326 हो गई है, जिनमें 3,038 बच्चे हैं।

‘गाजा में युद्धविराम जरूरी’
रूस गए हमास के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अबू हामिद ने कहा है कि सात अक्टूबर को विभिन्न संगठनों द्वारा इजरायल से अगवा किए गए लोगों की गाजा में तलाश के लिए समय चाहिए। इसलिए गाजा में युद्धविराम जरूरी है। उन्होंने कहा है कि अभी तक चार बंधकों को बिना शर्त छोड़ा गया है। इसलिए निर्दोष नागरिकों की रिहाई की हमारी इच्छा पर किसी को संदेह नहीं करना चाहिए।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : वेदांता पावर की ओर से प्रभावितों को मिला पूरा मुआवजा, परिवारजनों ने कहा, 'वेदांता से मिल रही हरसंभव मदद', वेदांता ने दोहराई प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने की कटिबद्धता

बमबारी में 50 बंधकों की मौत
हमास ने कहा कि गाजा में इजरायली बमबारी में आम फलस्तीनी ही नहीं, बंधक भी मारे जा रहे हैं। हाल के दिनों में 50 बंधकों की मौत इस बात का सुबूत है।

हमास के तीन कमांडर ढेर
इजरायल ने कहा है कि उसकी हवाई कार्रवाई में हमास के तीन वरिष्ठ कमांडर मारे गए हैं। इन कमांडरों की इजरायल पर सात अक्टूबर के हमले में प्रमुख भूमिका थी। इजरायल की कार्रवाई के जवाब में गाजा से हमास के लड़ाके भी इजरायली शहरों पर राकेट दाग रहे हैं। एयर डिफेंस सिस्टम की सक्रियता के बावजूद इन हमलों में तीन लोगों के घायल होने की सूचना है।

मिस्र में मिसाइल हमला
इस बीच, मिस्र के सीमावर्ती शहर में मिसाइल हमला होने की सूचना है। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं। यह मिसाइल कहां से दागी गई, यह पता नहीं चला है, लेकिन इजरायल ने दावा किया है कि यह यमन के ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने दागी थी।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : वेदांता पावर की ओर से प्रभावितों को मिला पूरा मुआवजा, परिवारजनों ने कहा, 'वेदांता से मिल रही हरसंभव मदद', वेदांता ने दोहराई प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने की कटिबद्धता

दस ट्रकों में लदी राहत सामग्री मिस्र से पहुंची गाजा
दस ट्रकों में लदी राहत सामग्री शुक्रवार को रफाह सीमा के जरिये मिस्र से गाजा पहुंची है। इन ट्रकों में खाद्य सामग्री, पानी और दवाएं थीं। कुछ स्वास्थ्यकर्मी भी इन ट्रकों के साथ गाजा गए हैं। अभी तक कुल 84 ट्रक राहत सामग्री गाजा पहुंची है, जो 20 दिन से इजरायली सेना से घिरी 23 लाख की आबादी के लिए बहुत कम है। इस आबादी को अन्य कोई सहायता नहीं मिल पा रही है।

बदतर होते जा रहे हालात
डीजल-पेट्रोल की किल्लत से इलाके के हालात हर बीतते क्षण के साथ बदतर होते जा रहे हैं। अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र एक-एक करके बंद होते जा रहे हैं और उनके गंभीर मरीज जान गंवाते जा रहे हैं। गाजा में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के दल की हालत भी खराब है।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : वेदांता पावर की ओर से प्रभावितों को मिला पूरा मुआवजा, परिवारजनों ने कहा, 'वेदांता से मिल रही हरसंभव मदद', वेदांता ने दोहराई प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने की कटिबद्धता

संयुक्त राष्ट्र के 57 राहतकर्मियों की मौत
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की गाजा इकाई की प्रवक्ता रवीना शामदासानी ने बताया है कि इजरायली बमबारी से अभी तक संयुक्त राष्ट्र के 57 राहतकर्मी मारे जा चुके हैं और हमारे ज्यादातर लोग हमलों से बचने के लिए आकाश के नीचे खुले में सो रहे हैं।

error: Content is protected !!