Transgender Special Program: पितृ पक्ष में किन्नरों ने किया खास आयोजन, पूरे इलाके में बना चर्चा का विषय, जानिए ऐसा क्या किया

नरसिंहपुर: जिनकी दुआओं में कुदरत की नेमत बरसती है फिर भी संसार उन्हें दरकिनार करता है। जी हां हम बात कर रहे है किन्नरों की जिन्हें सरकार ने तृतीय लिंग का दर्जा दिया है। वहीं, अब तृतीय लिंग के लोग सरकारी नौकरी से लेकर राजनीति तक अपना हुनर दिखा रहे हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी खबर से रूबरू कर रहे हैं जो हमारे लिए दुआओं का सजदा में जुटे हुए हैं। तो चलिए जानते हैं कि किन्नरों ने ऐसा क्या खास काम किया है जो पूरे इलाके में चर्चा का​ विषय बन गया है।

 



शादी विवाह या जन्म के समय अपनी दुआओं से नवाजने वाले किन्नर का जीवन हमेशा ही समाज के लिए एक रहस्य रहा है। रहस्यमयी रूप में अपना जीवन यापन करने वाले किन्नर समाज द्वारा नरसिंहपुर में अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन का आयोजन किया गया। सबसे खास बात यह है कि ये आयोजन किन्नर समाज द्वारा अपने यजमानों के लिए किया गया।

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इस अवसर पर किन्नरों ने अपने बुजुर्ग उस्तादों की पितृपक्ष में कर्ज अदायकी की साथ ही सभी लोगों की सुख समृद्धि के लिए कामना भी की। इस आयोजन में देश भर से किन्नर एकत्रित हो रहे हैं और सामूहिक रूप से अपनी परंपरा के अनुसार दुआओं का दौर शुरू किया है.

आयोजक शांति नायक ने बताया कि किन्नरों का एक अपना अलग ही संसार होता है और अपनी अलग मान्यताएं और परंपराएं होती है। इसे वो दूसरे समाज से कभी साझा नहीं करते हैं। इस आयोजन में किसी गैर के लिए कोई स्थान नहीं होता है और यह अपने समुदाय के बीच आपस में अपना सुख-दुख बढ़ाते हैं। कहा जाता है कि किन्नर अपने लिए नहीं बल्कि दूसरों की दुआओं के लिए जीते हैं और इस आयोजन का भी यही उद्देश्य इन किन्नरों द्वारा बताया जा रहा है।

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देश भर से इस सम्मेलन में आए किन्नर यहां अपने समुदाय के बीच में आकर बेहद खुश और तनाव मुक्त नजर आ रहे हैं और उनका कहना है कि इस आयोजन की वजह से उन्हें अपनों के बीच आकर बेहद खुशी हो रही है जब उनके माता-पिता ही उन्हें बीच मझधार में छोड़ देते हैं तो उनका यही समुदाय उनका परिवार बन जाता है।

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