एक तरफ से क्यों झुकी हुई है धरती, पूरी तरह गोल न होकर अंडाकार क्यों है? जानें इसकी वजह..

सोशल साइट कोरा (Quora) पर अक्सर लोग कुछ ऐसे सवाल पूछते हैं, जिनका जवाब बहुत कम लोगों को ही पता होता है. हालांकि, उन सभी सवालों के जवाब इस प्लेटफॉर्म पर जुड़े यूजर्स ही देते हैं.

 



 

 

 

यहां ऐसा ही एक सवाल पूछा गया है कि ‘क्यों धरती एक तरफ झुकी हुई और पूरी तरह से गोल न होकर चपटी या अंडाकार है?’. कोरा यूजर्स राघव सिंह, अजय कुमार और सरोज रानी ने इस सवाल का जवाब दिया है. हालांकि, इनमें से सबसे प्रभावी जवाब राघव ने दिया है.

 

 

 

 

कैसा है पृथ्वी का आकार?: पृथ्वी चपटी या अंडाकार नहीं है, बल्कि एक चपटी गोलाकार (oblate spheroid) है, जिसका मतलब है कि यह ज्यादातार गोलाकार है, लेकिन ध्रुवों पर थोड़ी चपटी है और भूमध्य रेखा पर उभरी हुई है. राघव सिंह कोरा पर लिखते हैं कि, ‘पृथ्वी गोल नहीं है, उसे अंडाकार कहना भी गलत होगा, वह ध्रुवों पर थोड़ी सी चपटी है. उसका व्यास ध्रुवों पर 12713 km है, वहीं भूमध्य रेखा पर 12756 km है, अतः कुल 43 किलोमीटर का अंतर है.’

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क्यों है पृथ्वी का आकार ऐसा?

 

राघव सिंह आगे बताते हैं कि, ‘पृथ्वी के व्यास में यह अंतर उसकी घूर्णन गति के कारण है, जिसकी वजह से भूमध्य रेखा पर वह थोड़ी सी उभरी हुई है.’ यानी पृथ्वी के ऐसे आकार होने की वजह उसकी घर्णन गति और उसकी संरचना है.

 

 

 

अपने धुरी पर क्यों हुई है पृथ्वी?

 

पृथ्वी अपनी धुरी पर झुकी हुई है, इसलिए यह पूरी तरह गोल नहीं है. यह झुकाव सूर्य के चारों ओर इसकी कक्षा के सापेक्ष लगभग 23.5 डिग्री है. इस झुकाव को अक्षीय झुकाव या तिरछापन के रूप में जाना जाता है. राघव सिंह ने कहा, ‘पृथ्वी अपने अक्ष पर 23.5 डिग्री झुकी हुई है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि 4½ अरब साल (अनुमानित) पहले एक मंगल के आकार का ग्रह हमारे पृथ्वी से टकरा गया था. यह टक्कर इतना प्रचंड थी कि टक्कर की मार से पृथ्वी एक ओर झुक गई.’

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हालांकि, अरबों सालों से चंद्रमा, सूर्य और अन्य खगोलीय पिंडों के साथ जटिल गुरुत्वाकर्षण संपर्क के कारण पृथ्वी की धुरी झुकी हुई है. यह अक्षीय झुकाव पृथ्वी पर बदलते मौसम के लिए जिम्मेदार है, क्योंकि ग्रह के विभिन्न हिस्सों को वर्ष के अलग-अलग समय में अलग-अलग मात्रा में सूर्य का प्रकाश प्राप्त होता है.

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