Health Ministry on Heart Attack : देश में बढ़ रहा हार्ट अटैक से युवाओं की मौत का आंकड़ा, स्वास्थ्य मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला, अब होगा ये…

नई दिल्ली. आज के समय में अव्यवस्थित जीवन शैली के चलते कई युवा हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। सही खान पान से लेकर समय पर ना सोने और उठने के कारण आज के युवा कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसमें से सबसे गंभीर बिमारी है हार्ट अटैक। देश में लगातार युवाओं में हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। युवाओं में बढ़ रही हार्ट अटैक की समस्या एक चिंता का विषय है, क्योंकि इससे मौत का ख़तरा सबसे ज्यादा खतरा होता है। अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने युवाओं की हार्ट अटैक से मौत के बढ़ते मामलों के बाद बड़ा फैसला दिया है। 6 दिसंबर को पूरे देश में सुबह 9:30 बजे शुरु होगा कार्यक्रम शुरू किया गया. जिसमें 10 लाख लोगों को एक साथ सीपीआर की ट्रेनिंग दी गई।

 



बच्चों और युवाओं को सिखाई जाएगी सीपीआर तकनीक

बताया जा रहा है कि, हार्ट अटैक के मरीजों को बचाने के लिए स्कूलों, जिम और कॉलेजों में सीपीआर तकनीक सिखाई जाएगी। सीपीआर ऐसी तकनीक है, जिसमे हार्ट अटैक आए हुए मरीज के सीने पर दबाव डालकर उसके दिल की धड़कन को फिर से शुरू किया जा सकता है। सीपीआर क्रिया करने के लिए सबसे पहले ठोस जगह पर लिटा दिया जाता है और CPR देने वाला व्यक्ति उसके पास घुटनों के बल बैठ जाता है। इस दौरान मरीज के नाक और गले को चेक कर ये देखा जाता है कि, उसे सांस लेने में कोई रुकावट तो नहीं है।

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सीने में पंपिंग करने का तरीका

सीपीआर देने के समय मेज के सीने के बीचो-बीच हाथ रखकर उसे लगातार पंप किया जाता है। दो तीन बार ऐसा करने से दिल की धड़कन फिर से शुरू हो जाती है। ध्यान रहे की सीने को दबाते समय दोनों हाथ एक दूसरे के ऊपर हो और बिलकुल सीधे रखे हुए हो। इसके बाद मरीज की छाती को 1-2 इंच दबाकर एक मिनट‌ में 100-120 बार दबाव दिया जा सकता है। ऐसा 20 मिनट से 50 मिनट‌ तक कर सकते हैं।

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युवाओं में हार्ट अटैक के कारण –

युवाओं की जीवनशैली में बदलाव

भारतीय युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है युवाओं की जीवन शैली में बदलाव। आज के समय में युवाओं में अनियमित आहार, धूम्रपान, शराब का सेवन और व्यायाम की कमी के कारण हार्ट अटैक के खतरे बढ़ रहे हैं।

लगातरा बढ़ता मोटापा

भारतीय युवाओं में दिल की बिमारी बढ़ने का एक कारण मोटापा भी है। भारत में युवा वर्ग लगातर मोटापे की चपेट में आ रहे हैं। लगातर बढ़ रहा मोटापा भी युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है।

युवाओं में जेनेटिक फैक्टर

हार्ट अटैक के कुछ मामलों में जेनेटिक फैक्टर भी एक बड़ा कारण होता है। यदि किसी के परिवार में किसी को दिल की बीमारी है, तो उसके हृदय रोग विकसित होने का खतरा अधिक होता है।

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