Kisaan School : केंद्रीय रेशम बोर्ड के सलाहकार ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से किया मुलाकात, देश के पहले किसान की ओर से भेंट किया अलसी के रेशे से निर्मित शाल, 22 सितंबर 2018 को पीएम मोदी को भी दी गई थी अनूठी भेंट

जांजगीर-चाम्पा. केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को नागपुर के एक कार्यक्रम में केंद्रीय रेशम बोर्ड तसर अनुसंधान वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के सलाहकार रामाधार देवांगन ने देश के पहले किसान स्कूल वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह परिवार की ओर से अलसी के रेशे से निर्मित शाल भेंट की.

 




मुलाकात के दौरान श्री देवांगन ने पुरानी यादें को याद दिलाते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बताया कि 22 सितंबर 2018 को जिला मुख्यालय जांजगीर के खोखरा स्थित पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आपकी मौजूदगी में बलौदा ब्लॉक के सिवनी के किसानों द्वारा कृषि अवशेष अलसी के रेशे से निर्मित शाल और बहेराडीह, कोसमन्दा के किसानों व महिला समूह के द्वारा केले के रेशे से जैकेट भेंट किया गया था। रामाधार देवांगन द्वारा पुरानी यादें को ताजा करते हुए जैसे ही अपने मोबाइल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कोसा कांसा कंचन की नगरी में अनूठी भेंट वाली फोटो दिखाया। वैसे ही खुशी से केंद्रीय मंत्री ने जिले के नवाचारी प्रगतिशील राष्ट्रीय पुरुष्कार से सम्मानित कृषक रामाधार देवांगन को गले लगा लिया और वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह परिवार को अपने निवास पर आने आग्रह करते हुए किसानों द्वारा किसानों के लिए बनाए गए भारत के पहले किसान स्कूल बहेराडीह को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

इसे भी पढ़े -  Kisaan School : किसान स्कूल में जुटेंगे प्रदेशभर के मशरूम उत्पादक किसान और वैज्ञानिक, 26 जून को राज्य स्तरीय मशरूम महोत्सव में शामिल होंगी सांसद कमलेश जांगड़े, विधायक समेत अन्य अतिथि भी रहेंगे मौजूद...

केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी से चर्चा करते हुए केंद्रीय रेशम बोर्ड तसर अनुसंधान वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के सलाहकार रामाधार देवांगन ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में ग्रामीण क्षेत्र के 18 से 45 साल के बेरोजगार युवक, युवतियों, किसानों, बिहान की महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है और प्रशिक्षण के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ आरसेटी के नियंत्रक अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन पर असेसमेंट किया जाता है। अभी फिलहाल प्रदेश में 18 जिलों में आरसेटी संचालित है, वहीं बुनकरों की समस्या को लेकर भी चर्चा की। इस मौके पर रायपुर के सूरज यादव समेत अन्य प्रगतिशील किसान प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa Crocodile News : कोटमीसोनार गांव में तालाब के पास फिर से मगरमच्छ मिला, क्रोकोडायल पार्क में छोड़ा गया...
error: Content is protected !!