खरौद के शबरी मंदिर में पूर्णमासी भजन कीर्तन का हुआ आयोजन

खरौद. शबरी मंदिर में पूर्णमासी भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। विश्व के एकमात्र प्राचीन शबरी मंदिर में प्रत्येक पूर्णमासी को खरौद के महिला मंडलियो़द्वारा भजन कीर्तन किया जाता है इसी तारतम्य में 18 सितंबर 2024 को शबरी मंदिर में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति रही उन्होंने श्रद्धा एवं भावपूर्ण से मधुर संगीत के माध्यम से भजन कीर्तन किया इस बीच धनसाय यादव ने अपने उदबोधन में कहा कि की रुक्मणी ने कृष्ण जी को देखा नहीं था, किंतु विश्वास के बल पर उन्होंने श्री कृष्ण जी का वरण किया इसी तरह श्रद्धा विश्वास का फल मीठा होता है. कार्यक्रम के संयोजक शिवरात्रि प्रसाद यादव ने पितृपक्ष के अवसर पर बताया कि पितर क्या है पीतर पूरे 16 दिन बनाना चाहिए नहीं मानने के क्या दुष्परिणाम होता है एवं पितर बनाने की विधि का उल्लेख किया.

 



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.आज के कार्यक्रम में मदालसा यादव, कांतिबाई नोनिया, कीर्तन मती बुधवाराआदित्य, अलकमति जीवन बाई, त्रिवेणी यादव, गौरी यादव उत्तर बाई नर्मदा यादव रामेश्वरी श्रीवास फगनी नोनिया प्रीति सोनी चंद्रप्रभा यादव शांति बाई श्रीवास लक्ष्मी आदित्य भगवती साहू सर ही बाई अमेरिका बाईकुर्रे सविता बाईरात्रेराधाबाई पीतांबरी बाई गिरजाबाई ललिता थवाईत श्यामायाद सुमित्रा आदित्य रंगनाथ आदित्य कांति कुमार यादव आदि उपस्थित रहे अंत में प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन हुआ. इस संपूर्ण कार्यक्रम में स्वर्गीय जगदीश प्रसाद यादव की धर्म पत्नी एवं उनके परिवार का विशेष सहयोग रहा

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