जांजगीर-चाम्पा ‘अजब-गजब’ खबर : 25-30 बरस से बुजुर्ग महिला को लाल पत्थर और फ्लाईएश ईंट को दांत से चबाने का अनोखा शौक, जानकर हो जाएंगे हैरान, डिटेल में पढ़िए पूरी खबर…

जांजगीर-चाम्पा. अभी तक आपने अलग-अलग शौक के बारे में सुना होगा, लेकिन आज हम एक हैरान करने वाले शौक के बारे में आपको बता रहे हैं. दरअसल, एक बुजुर्ग महिला को लाल पत्थर और फ्लाईएश ईंट को दांत से चबाने का शौक है. उसका यह शौक एक-दो बरस से नहीं, बल्कि 25-30 साल से जारी है. बुजुर्ग महिला को यह अनोखा और हैरान करने वाला शौक क्यों है ?, इस रिपोर्ट में देखिए…

 



बुजुर्ग महिला का नाम है गिरजा बाई बरेठ. जिला मुख्यालय जांजगीर से लगे खोखरा गांव की इस बुजुर्ग महिला को लाल पत्थर और फ्लाईएश ईंट को दांत से चबाने का अनोखा शौक है. जी हां, आपने सही सुना. आपको यह बात सुनकर हैरानी भी हुई होगी, लेकिन यह सच है. खोखरा गांव की बुजुर्ग महिला गिरजा बाई बरेठ को लाल पत्थर और फ्लाईएश ईंट को चबाते एक-दो साल नहीं, बल्कि 25-30 साल हो गए हैं.

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बुजुर्ग महिला गिरजा बाई बरेठ ने बताया कि बरसों पहले उसके दांत में तकलीफ हुई तो वह डॉक्टर के पास गई. वहां उसे दवा दी गई, लेकिन दर्द खत्म नहीं हुआ. इस दौरान महिला ने अपने घर में लाल पत्थर को दांत से चबाया तो उसे आराम मिला. फिर क्या था, महिला की यह आदत बन गई और इसने शौक का रूप ले लिया.

बुजुर्ग महिला गिरजा बाई बरेठ के मुताबिक, मुंह से लाल पत्थर और फ्लाईएश ईंट को जब नहीं चबाती तो उसके दांत में कनकनाहट शुरू हो जाती है और उसे तकलीफ होती है. फिर जैसे ही वह लाल पत्थर और फ्लाईएश ईंट को दांत से चबाती है, उसे राहत मिल जाती है. यह सिलसिला 25-30 साल से जारी है. वह लाल पत्थर और फ्लाईएश ईंट को दांत से चबाती है और फिर थूंक देती है. बड़ी बात यह है कि जब कहीं काम पर जाती है तो लाल पत्थर और फ्लाईएस ईंट को अपने साथ लेकर जाती है.

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खोखरा गांव और पड़ोस के लोगों के द्वारा बुजुर्ग महिला को मना भी किया जाता है, लेकिन वह नहीं मानती. महिला को लाल पत्थर या फ्लाईएश ईंट को दांत से चबाने के नुकसान के बारे में बताया जाता है, लेकिन वह नहीं मानती. बड़ी बात यह है कि 25-30 बरस से लाल पत्थर या फ्लाईएश ईंट को दांत से चबाने के बाद उसे कुछ नहीं हुआ है. उल्टे, जब दांत से नहीं चबाती तो उसके दांत में परेशानी बढ़ जाती है.

बुजुर्ग महिला का दावा जो भी हो, लेकिन जिला अस्पताल जांजगीर के डेंटिस्ट डॉ. व्हीके पैगवार का कहना है कि महिला की दांत में कनकनाहट की तकलीफ होती तो वह कुछ भी चीजों को नहीं चबा पाती. लाल पत्थर और फ्लाईश ब्रिक्स को दांत से चबा रही है, ऐसे में चिकित्सा जांच होगी तो स्थिति स्पष्ट होगी ?

फिलहाल, खोखरा गांव की बुजुर्ग महिला गिरजा बाई बरेठ की अनोखी आदत और शौक के बारे में जिसने भी सुना है, वह हैरान ही रह गया है. 25-30 साल से वह अपने दांतों से लाल पत्थर और फ्लाईएश को चबा रही है, फिर उसे आज तक कोई तकलीफ नहीं हुई है, वहीं महिला का दावा है कि उसे दांत की कनकनाहट से निजात मिली है. अब जब विशेषज्ञ डॉक्टर महिला की जांच करेंगे तो पता चलेगा कि आखिर बुजुर्ग महिला को ऐसी आदत क्यों है ?

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