छत्तीसगढ़ में रामचरितमानस का जितना प्रचार प्रसार है उतना संपूर्ण भारतवर्ष में नहीं : मधुसूदनाचार्य, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत जी हुए सम्मिलित श्रीमद् भागवत महापुराण में, दहेज देने की प्रथा हमारे देश में सदियों से है लेकिन मांगने की नहीं

शिवरीनारायण. श्रीधाम अवधपुरी, उत्तर प्रदेश से पधारे हुए अनंत श्री विभूषित श्री स्वामी मधुसूदनाचार्य वेदांताचार्य जी महाराज ने श्री शिवरीनारायण मठ में श्री सीताराम विवाह महोत्सव के उपलक्ष में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा का रसपान कराते हुए श्रोताओं के समक्ष उद्धृत किया कि छत्तीसगढ़ में रामचरितमानस का जितना प्रचार- प्रसार है उतना संपूर्ण भारत वर्ष में कहीं भी नहीं है। यद्यपि रामभद्र जी का जन्म अयोध्या में हुआ है किंतु यहां के लोगों के रोम-रोम में में राम समाये हुए हैं। उन्होंने सामाजिक चिंतन प्रस्तुत करते हुए कहा कि हमारे देश में दहेज देने की प्रथा सदियों पुरानी है। राजा हिमाचल और महारानी मैना ने शिवजी को दहेज दिया, राजा जनक और सुनैना जी ने माता सीता और रामचंद्र जी को दहेज दिया। दहेज देने की प्रथा तो है लेकिन मांगने की नहीं! जो दहेज मांगता है उसे ना तो दहेज दीजिए और ना ही अपनी बेटी. उन्होंने कहा कि जिस कुल में एक वैष्णव संत उत्पन्न हो जाता है उनके कई पीढियां का उद्धार हो जाता है। स्नान से शरीर पवित्र हो जाता है और भगवान पुण्डरीकाक्ष के स्मरण से अंतःकरण शुद्ध हो जाता है। जब तक अंतःकरण से हम भगवान को नहीं अपनाएंगे तब तक उनकी प्राप्ति नहीं कर सकते। जो भगवान को अपना स्वामी मानते हैं, वे अपने नाम के पीछे दास लगते हैं यह गौरव की बात है कि हम परमात्मा के दास हैं, उनके सेवक हैं। *आए हो तुम कहां से? जाओगे तुम कहां ? बस इतना विचार लो! फिर हो गया भजन।।* यह गाकर उन्होंने लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया

 



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भीड़ बढ़ना प्रारंभ श्री शिवरीनारायण मठ महोत्सव में लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है। लोग काफी दूर-दूर से कथा श्रवण एवं भगवान श्री शिवरीनारायण जी के दर्शन व चित्रोंत्पला गंगा की त्रिवेणी संगम में स्नान के लिए पहुंचना प्रारंभ हो गए हैं। तृतीय दिवस भी कोरबा, दुर्ग, भिलाई, रायगढ़, राजनंदगांव, जिला मुख्यालय जांजगीर आदि अनेक स्थानों से पहुंचकर लोगों ने कथा श्रवण किया। मंच पर हमेशा की तरह मुख्य यजमान राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज विराजित थे।

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नेता प्रतिपक्ष हुए शामिल
श्री शिवरीनारायण मठ महोत्सव के तृतीय दिवस संध्याकालीन बेला में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत सम्मिलित हुए. उन्होंने महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त महाराज का शाल श्रीफल से सम्मान किया, महन्त जी महाराज ने भी उन्हें सम्मानित किया और कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आभार जताया, इस अवसर पर उनके चिरंजीव सूरज महंत एवं पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंस सहित कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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