



सक्ती. मिट्टी केवल धूल या जमीन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। दुनिया का 95 प्रतिशत भोजन मिट्टी से ही आती है। चूंकि मिट्टी को धरती माँ की गोद मानी जाती है। इसे बचाकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
उक्त बातें एसबीआई आरसेटी सक्ती के नन्दौरखुर्द रीपा गौठान में जिला प्रशासन व एलडीएम मनोज कुमार वर्मा के मार्गदर्शन पर आयोजित 13 दिवसीय क़ृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल बिहान की क़ृषि सखी व पशु सखी दीदियों को विश्व मृदा दिवस के अवसर पर शपथ दिलाते हुये फेकेल्टी विक्टर कोसरिया ने अपना विचार ब्यक्त किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर व छत्तीसगढ़ राज्य आरसेटी के असेसर दीनदयाल यादव ने कहा कि किसान की मेहनत और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति ही हमें भोजन देतीं हैं, लेकिन आज मिट्टी कई संकट से गुजर रहीं हैं। जैसा कि रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग, कटाव, जल भराव, लवणीयता,जैविक पदार्थो की कमी, और ग्लोबल वार्मिंग आदि शामिल है। इन सब कारणों से मिट्टी की उर्वरता लगातार घट रहीं है।
इस अवसर पर आरसेटी के ऑफिस असिस्टेंट संगीता सोनी, प्रदीप कुमार, अटेंडर मितेश कुमार,सुशीला खूंटे सुनिता नौरंग परसाडीह सेंदरी, गीता कुर्रे हरेठी खुर्द, लक्ष्मीन यादव बड़े कोट, कमेश्वरी शायर, नीलम दीप जर्वे, रेवती पटेल घोड़ाडीपा, प्रमिला बर्मन उषा चंद्रा अरसिया, सुशीला जूनवानी, दिलकुमारी भारती चारपारा, पवन कुमारी परसाडीह सिंघरा, रौशनी भारद्वाज नीलम सिदार मोहतरा, सुनिता परसाडीह, सुक्रिता भारद्वाज सिंघरा परसा डीह, अनिता चंद्रा, सुलोचनी बर्मन चोरभट्टी,राधा यादव फगुरम, गणेशी लहरे मंगला तेंदुलकर सेंदरी, तरुणी लता लिमगांव, अनिता रात्रे मंजू बर्मन कुटराबोड़, रोहिणी बरेठ नगझर, शालिनी साहू, गायत्री साहू कलमी, नीलम सिदार, रौशनी भारद्वाज मोहतरा,सुप्रिया खूंटे, गुंजिया जाटवर पिहरीद, कुमारी साहू चाटीपाली, मुंगेश निराला बड़े मुड़पार, धनेश्वरी साहू खेमड़ा, रिंकी महंत बेल्हाडीह, रुखमणि साहू चरौदी आदि बिहान की क़ृषि सखी व पशु सखी दीदियाँ प्रमुख रूप से शामिल थे।






