Janjgir-Nawagarh Turtle Death : अमोरा गांव के तालाब में दशकों से मौजूद 40 किलो के कछुआ की मौत, कछुआ के प्रति ग्रामीणों की थी बड़ी आस्था, पूजा-अर्चना कर किया गया अंतिम संस्कार

जांजगीर-चाम्पा. नवागढ़ क्षेत्र के अमोरा गांव के सागर तालाब में दशकों से मौजूद 40 किलो के कछुआ की मौत हो गई है. कछुआ के प्रति ग्रामीणों की बड़ी आस्था थी, इसलिए पूजा-अर्चना कर कछुआ का अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम विदाई के वक्त ग्रामीण भावुक दिखे, उन्हें लगा कि जैसे उनके परिवार के सदस्य ने साथ छोड़ दिया है.

 



अमोरा गांव के सरपंच राकेश कश्यप ने बताया कि सागर तालाब में दशकों से कछुआ मौजूद था, जिसके दर्शन करने को ग्रामीण शुभ मानते थे और दशहरा में कछुआ के दर्शन के लिए लोग जुटते थे. कछुआ को कुछ चीजें खिलाकर लोगों को खुशी होती थी और लोगों को दशहरा के खास पल का हमेशा इंतजार रहता था. अब वह पल लोगों को हमेशा याद आएगा, क्योंकि आस्था का केंद्र बना कछुआ अब जीवित नहीं है. सरपंच ने बताया कि अमोरा गांव के देवरहा दाई तालाब में भी ऐसा ही बड़ा कछुआ है, जिसके प्रति भी लोगों की बड़ी आस्था है.

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