देश के सबसे धाकड़ डीजीपी, बहादुरी और साहस से अपराधियों का करते हैं सफाया

पुलिस महानिदेशक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेसों में सर्वोच्च रैंकिंग वाला पुलिस अधिकारी होता है। जिसे कैबिनेट द्वारा नियुक्त किया जाता है।

 



 

 

Top 5 Famous DGP: पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सर्वोच्च रैंकिंग वाला पुलिस अधिकारी होता है।

 

 

 

डीजीपी का इंग्लिश में फुल फॉर्म डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (Director General Of Police) होता है और हिंदी में डीजीपी को पुलिस महानिदेशक कहते हैं। डीजीपी बनने के लिए आपको सबसे पहले आईपीएस ऑफिसर बनना पड़ता है। आईपीएस बनने के लिए यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम (UPSC Exam) को क्लियर करना पड़ता है। सालों के एक्सपीरिएंस के बाद एक आईपीएस डीजीपी पद पर तैनात होता है। डीजीपी को कैबिनेट द्वारा नियुक्त किया जाता है। आज हम बात करेंगे देश के 05 चर्चित DGP अधिकारियों की।

 

 

 

1- डीजीपी प्रशांत कुमार (Prashant Kumar IPS)
आईपीएस प्रशांत कुमार इस समय उत्तर प्रदेश पुलिस के सबसे बड़े अधिकारी हैं यानी डीजीपी हैं। वह बिहार के सीवान में जन्मे हैं। प्रशांत 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें पहले तो तमिलनाडु कैडर मिला था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना ट्रांसफर यूपी कैडर में करा लिया। प्रशांत कुमार की गिनती यूपी ही नहीं बल्कि देश के तेज तर्रार अधिकारियों में होती है। वह अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाना अच्छी तरह से जानते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रशांत अब तक 300 एनकाउंटर कर चुके हैं। जिस वजह से उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ भी कहा जाता है।

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2- डीजीपी आलोक राज (Alok Raj IPS)
सीनियर IPS आलोक राज बिहार के पुलिस महानिदेशक हैं। हाल ही में बिहार सरकार ने 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी को राज्य का नया डीजीपी बनाया है। अधिसूचना के मुताबिक, वह अगले आदेश तक बिहार पुलिस के महानिदेशक बने रहेंगे। वह मूल रूप से बिहार के ही रहने वाले हैं। उनके ससुर भी बिहार पुलिस के डीजीपी रह चुके हैं। आलोक राज ने पटना सिटी में एएसपी के तौर पर अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान ही खतरनाक अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। जिसके लिए उन्हें वीरता पदक से भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा कानून व्यवस्था में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित पुलिस अधिकारियों की श्रेणी में रखा जाता है।

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3- आईपीएस राजीव कुमार (IPS Rajiv Kumar)

लिस्ट में पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार भी शामिल हैं। सरकार ने हाल ही में उन्हें पुलिस महानिदेशक (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में नियुक्त किया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल कैडर के 1989 बैच के आईपीएस ऑफिसर राज्य आपराधिक जांच विभाग (CID) के अतिरिक्त डीजीपी के रूप में काम कर चुके हैं। कुमार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं।

 

 

 

4- आईपीएस नलिन प्रभात (Nalin Prabhat IPS)
जम्मू कश्मीर के कानून व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी नलिन प्रभात के हाथों में है। वह जम्मू-कश्मीर के नए पुलिस महानिदेशक बनाए गए हैं। वैसे, तो नलिन 1992 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं, लेकिन आतंकरोधी अभियानों में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें जम्मू और कश्मीर के पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी मिली। नलिन कश्मीर रेंज के डीआईजी भी रह चुके हैं। उन्हें अब तक तीन पुलिस वीरता पदक और पराक्रम पदक से सम्मानित किया जा चुका है।

 

 

5- IPS उत्कल रंजन साहू (Utkal Ranjan Sahoo)
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी उत्कल रंजन साहू देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक राजस्थान की कानून व्यवस्था की बागडोर संभाल रहे हैं। राजस्थान के मौजूदा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले हैं। उत्कल अपराध को कंट्रोल में रखने के लिए जाने जाते हैं। इन्हें 2005 में पुलिस मेडल और 2017 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल मिल चुका है।

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