घिसे टायरों से कार चलाने के होते हैं ये 5 भारी नुकसान, इंजन के साथ जेब पर भी पड़ता है भारी असर

अक्सर लोग कार की सर्विसिंग और इंजन का तो पूरा ख्याल रखते हैं लेकिन टायरों की तरफ तब तक ध्यान नहीं देते जब तक वे पूरी तरह चिकने न हो जाएं। घिसे हुए टायरों के साथ कार चलाना न सिर्फ आपकी सुरक्षा के लिए खतरनाक है बल्कि यह आपकी जेब पर भी भारी पड़ सकता है। आइए जानते हैं घिसे हुए टायरों का क्या नुकसान होता है।



माइलेज में कमी

जब टायर घिस जाते हैं तो सड़क पर उनकी पकड़ कम हो जाती है। इसे सुधारने के लिए इंजन को कार खींचने में ज्यादा पावर लगानी पड़ती है। जब इंजन ज्यादा जोर लगाता है तो वह ज्यादा पेट्रोल-डीजल पीती है। नतीजा यह होता है कि आपकी कार का माइलेज अचानक गिर जाता है।

इसे भी पढ़े -  Janjgir News : विधायक ब्यास कश्यप ने गोपेश यादव ( अंशु ) को श्रम विभाग का बनाया प्रतिनिधि, विधायक का जताया आभार

इंजन पर दबाव
घिसे हुए टायरों की वजह से टायर सड़क पर फिसलने लगते हैं। इस फिसलन की भरपाई के लिए इंजन को लगातार ज्यादा RPM पर कार करना पड़ता है। लंबे समय तक ऐसा होने से इंजन के पुर्जों पर बुरा असर पड़ता है और इंजन की उम्र भी कम होने लगती है।

हादसे का डर
टायरों पर बनी धारियां पानी को बाहर निकालने और सड़क पर पकड़ बनाने का काम करती हैं। टायर घिसने पर ये धारियां खत्म हो जाती हैं। ऐसे में अचानक ब्रेक मारने पर कार तुरंत रुकने के बजाय काफी दूर तक घिसती जाती है जिससे एक्सीडेंट होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

टायर फटने का खतरा
पुराने और घिसे हुए टायर की रबर काफी पतली हो जाती है। गर्मियों में जब सड़क बहुत गर्म होती है तो Friction की वजह से पतले टायर जल्दी गर्म हो जाते हैं। टायर के गर्म होने से उनके चलते-चलते फटने का डर बना रहता है। हाईवे पर टायर फटना जानलेवा भी साबित हो सकता है।

इसे भी पढ़े -  TATA Sierra, Duster या Seltos; कौन सी SUV है आपकी फैमिली के लिए सबसे सुरक्षित, पढ़ें पूरी डिटेल्स

बारिश में डबल मुसीबत
बारिश के मौसम में घिसे हुए टायर सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। सड़क पर जमा पानी और टायर के बीच में पकड़ नहीं बन पाती जिससे कार हाइड्रोप्लानिंग का शिकार हो जाती है। ऐसी स्थिति में स्टीयरिंग आपके कंट्रोल से बाहर हो सकता है। समय पर टायर बदलवाकर आप ने सिर्फ माइलेज बचा सकते हैं बल्कि अपनी और अपने परिवार की जान भी सुरक्षित रख सकते हैं।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : विद्युत संयंत्र दुर्घटना के मृतकों के परिवारों को वेदांता पावर प्लांट के द्वारा दिया जा रहा मुआवजा, प्रभावित परिवारों तक पहुंचे रहे कंपनी प्रतिनिधि, दूसरे प्रदेशों के मृत कर्मचारियों के परिवारजनों को मुआवजा राशि देने की लिए गठित टीमें हुई रवाना, प्रभावितों की मदद के लिए कंपनी द्वारा वेदांता संवेदना केंद्र 24x7 हेल्पलाइन प्रारम्भ

error: Content is protected !!